अखिलेश के नीला गमछा पहनने पर बसपा प्रमुख ने कसा तंज
लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव का नाम लिये बगैर उनपर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे कारवां को पीछे धकेलने के लिए दलित-विरोधी जातिवादी पार्टियां तरह-तरह के हथकंडे अपना रही हैं। ऐसी पार्टियों से हमें सावधान रहना होगा। यही महापुरुषों के लिए सच्ची श्रद्धा होगी। उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय से दलितों को लुभाने के लिए राजनीतिक दल कार्यक्रमों में नीले रंग का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसका दलितों पर कुछ असर पडऩे वाला नहीं है, क्योंकि दलितों पर सिर्फ बसपा के ही नीले रंग का प्रभाव होता है, किसी अन्य रंग का नहीं। यह बात विरोधियों को ध्यान में रखनी चाहिए। उनकी यह कोशिश कामयाब नहीं होगी। दरअसल, मंगलवार को प्रदेशभर में अंबेडकर जयंती मनाई गई। इसमें सपा कार्यकर्ताओं ने भी जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए। लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश गले में लाल औरनीला गमछा डाले नजर आए। हजरतगंज में अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी। अखिलेश ने भंडारे में गाड़ी रुकवाकर पूड़ी-सब्जी और छोले-चावल खाए थे।

महिला आरक्षण पर किया भाजपा सरकार के निर्णय का स्वागत
मायावती ने महिला आरक्षण पर भाजपा सरकार के निर्णय का समर्थन किया। कहा- हम महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33′ आरक्षण देने के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन दलित और ओबीसी समाज की महिलाओं को अलग से आरक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी पहले से ही महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 50′ आरक्षण देने की मांग करती रही है। अब जब 33′ आरक्षण देने की बात की जा रही है तो हम इसका समर्थन करते हैं, जिससे कुछ तो सुधार हो।
बसपा प्रमुख ने कहा कि बसपा ने पहले ही महिला आरक्षण की मांग की थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे अनसुना कर दिया। बसपा का यही कहना है कि देश में महिलाओं की दैनिक स्थिति को देखते हुए बेहतर यही है कि महिला आरक्षण को दलगत राजनीति से दूर रखते हुए जल्द से जल्द लागू किया जाए। कांग्रेस को भी अपनी संकीर्ण मानसिकता छोडक़र इस बिल का समर्थन करना चाहिए।