चीनी मिलों की बिक्री मामले में मायावती के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए : उदितराज

Share

प्रशासन इन मिलों को मजबूत बनाकर इनमें एससी, एसटी और ओबीसी को नौकरी दे

लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदितराज ने कहा कि मायावती जी जब 2007 में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं तब उन्होंने 21 चीनी मिलों को औने-पौने दामों पर बेच दिया था। खरीदारों में मोहम्मद हाजी इकबाल पूर्व एमएलसी भी शामिल थे, जिन्हें सहारनपुर की अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। मिलों की बिक्री करने वाली मायावती जी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यदि ये मिलें ठीक से नहीं चल रही थीं तो प्रशासन को मजबूत बनाकर उन्हें बेहतर तरीके से चलाया जाना चाहिए था, ताकि एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लोगों को रोजगार मिल सके और उनका उत्थान हो सके। 31 मार्च 2026 को आए आदेश में विशेष अदालत ने इकबाल से जुड़ी तीन चीनी मिलों – बैतलपुर (देवरिया), भटनी (देवरिया) और शाहगंज (जौनपुर) को जब्त करने का निर्देश दिया है। इनकी कुल कीमत लगभग 1,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। उदितराज ने कहा कि वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण से यह सामने आया कि इन कंपनियों में कुल लगभग 30 करोड़ रुपये का निवेश दिखाया गया जबकि खरीदी गई संपत्तियों की कीमत लगभग 995.75 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। प्रवर्तन निदेशालय को इन संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त करने का अधिकार मिल गया है।

बहनजी को नयी कंपनियां स्थापित करके दलित, पिछड़ा वर्ग को और अधिक रोजगार देना चाहिए था

मुझे उस समय बहुत दुख हुआ था कि इन कंपनियों को बेचने का मतलब सरकारी नौकरियों के अवसर कम होना था। एक दलित मुख्यमंत्री से ऐसी अपेक्षा नहीं थी। इसके बजाय, और नई कंपनियां स्थापित कर एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लोगों को अधिक रोजगार दिया जाना चाहिए था। कुछ लोग कहेंगे कि मैं बहन जी के खिलाफ बोल रहा हूं, लेकिन ऐसा नहीं है। यह भी कहा जाएगा कि कांग्रेस ने भी विनिवेश किया था, लेकिन उन्होंने ही उद्योग स्थापित भी किए और उनका विस्तार भी किया। अंधभक्त यह भी कहते हैं कि मनमोहन सिंह के समय भी विनिवेश हुआ था, लेकिन उस काल में कई नए सार्वजनिक उपक्रम भी स्थापित किए गए। अगर 3 पीएसयू का विनिवेश हुआ तो 21 नया स्थापित किया भी था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *