मुसलमानों का नाम लेने से कुछ लोगों को लगता है करंट : चन्द्रशेखर आजाद

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असपा प्रमुख ने कहा मुसलमानों ने दिया डॉ. अंबेडकर का साथ

कमल जयंत

लखनऊ।‘आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्टï्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मुसलमानों का नाम लेने से कुछ लोगों को ‘करंट’ लगने लगता है। जैसे ही हमने मुसलमानों का जिक्र किया, कुछ लोगों को करंट लग गया। जिस दिन मुसलमानों की समस्याओं का समाधान हो जाएगा, उस दिन कई लोगों की ‘दुकान’ बंद हो जाएगी।

महात्मा गांधी ने मुसलमानों को कुरान पर हाथ रखकर कसम खिलायी थी कि वे बाबा साहब का साथ न दें

चन्द्रशेखर आजाद ने कहा कि महात्मा गांधी ने मुसलमानों को कुरान पर हाथ रखकर कसम खिलायी थी कि वे बाबा साहब का साथ न दें। लेकिन हमारे मुस्लिम भाइयों ने ऐसा नहीं किया और वो बाबा साहब के साथ खड़े रहे। बाबा साहब ने कमजोरों का साथ दिया।’ लखनऊ के अटल कन्वेंशन सेंटर में असपा द्वारा प्रदेश स्तरीय ‘पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश से पार्टी के कार्यकर्ता आये थे। इस सम्मेलन में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी पोस्टर लेकर पहुंचे। जिसपर लिखा था ‘पिछड़े-दलितों को न्याय दिलाओं’। सम्मलेन में दलित व पिछड़ा वर्ग के शिक्षक अभ्यर्थियों का मामला भी उठा पार्टी नेताओं ने कहा कि इनका चयन होने के बाद भी इन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा है बल्कि इनके स्थान पर गैर आरक्षित सवर्णों को नौकरियां दे दी गयीं हैं, लम्बे समय से आंदोलन करने के बावजूद नेताओं का आश्वासन और इन्हें पुलिस की लाठियां मिलतीं हैं

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि ‘हमने अपने नगीना संसदीय क्षेत्र में जिलाधिकारी को साफ बता दिया है कि अगर प्राइवेट स्कूल मनमानी करेंगे तो उनके स्कूलों पर ताला लगाने का काम करेंगे। 69000 शिक्षक भर्ती की अभ्यर्थी हमारी बहनें जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय जाती थीं, तो उनके साथ मारपीट की जाती थी। उन्हें देखकर बहुत पीड़ा होती थी। हम पांच दिनों तक उनके साथ धरने में बैठे और आखिरकार सरकार को पीछे हटना पड़ा।’
पार्टी के प्रदेश सचिव अनिकेत ने बताया कि ‘पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन’ पिछड़ों और किसानों को उनके अधिकार दिलाने और जागरूक करने के लिए किया जा रहा है। अनिकेत ने कहा कि लगातार पिछड़े समाज के साथ अन्याय हो रहा है। पिछड़ा वर्ग के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और समुचित प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए हम लोग संघर्ष कर रहे हैं । हमारी मांग है कि पिछड़ा वर्ग के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में राजनीतिक आरक्षण लागू किया जाए। जनसंख्या के अनुपात में 52′ प्रतिनिधित्व और नौकरी में आरक्षण दिया जाए। 27′ पिछड़ा वर्ग आरक्षण सभी सरकारी नौकरियों एवं शैक्षणिक संस्थानों में तत्काल लागू किया जाए। आरक्षण को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों पर रोक लगे।

 

 

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