आजाद समाज पार्टी का लक्ष्य बिना उसके सहयोग के यूपी में न बने कोई भी सरकार
कमल जयंत
आजाद समाज पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देव प्रताप सिंह का कहना है कि यूपी में अब विधानसभा चुनाव होने में एक साल ही बचा है। ऐसे में असपा ने राज्य में चुनावी तैयारियां तेज कर दीं हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद ने जिलों के दौरे करने शुरू कर दिये हैं और उनकी नजर पार्टी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं पर है। वे सक्रिय कार्यकर्ताओं को ही विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाना चाहते हैं।

ताकि जमीन पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहे और वह राज्य में खासतौर पर अपने जिले व क्षेत्र में होने वाली किसी भी दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के जरिए पीड़ितों को न्याय दिलाने में सहायक हो सकें। हालांकि असपा प्रमुख कहीं भी किसी भी प्रकार के दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ मौके पर पहुंचकर सिर्फ अपना प्रतिरोध ही नहीं दर्ज कराते हैं बल्कि पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन भी चलाते हैं।
शासक बनने का रास्ता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर हमें बता गये हैं
देव प्रताप सिंह का कहना है कि बहुजनों को न्याय तभी मिल सकता है जब हमारी सरकार हो या सरकार में मजबूत भागीदारी हो। अन्याय और अत्याचार से बचने के लिए बहुजनों को शासक बनना होगा और शासक बनने का रास्ता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर हमें बता गये हैं। भारतीय संविधान में वोट के जरिए ही सरकार बनती है और हमारा वोट सबसे ज्यादा है।

इसी वोट की ताकत से बहुजनों की यूपी में कई बार सरकार बनी है। उन्होंने कहा कि शासक वर्ग की बहन-बेटियों के खिलाफ कोई भी किसी भी तरह का उत्पीड़न करने की हिमाकत नहीं कर सकता। इसलिए स्वाभिमान भरी जिंदगी जीने और अन्याय व अत्याचार तथा पुलिसिया उत्पीड़न से बचने के लिए बहुजनों को यूपी ही नहीं बल्कि केन्द्र में भी अपनी सरकार बनानी होगी। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का मकसद यूपी में बैलेंसिंग आफ पावर बनना है।