संविधान बचाने व उसकी मूल भावना को समझाने के लिए चलेगा जन-जागरण अभियान
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं यूपी के पूर्व राज्यमंत्री सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि इस बार अम्बेडकर जयंती पर सपा की बड़ी तैयारी है। कार्यकर्ता इस बार बाबा साहब के विचारों के साथ अपनी पार्टी के विचारों को भी गांव-गांव तक पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के स्पष्ट निर्देश हैं कि न सिर्फ अम्बेडकर जयंती के दिन बल्कि अम्बेडकर जयंती से पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर पार्टी के पीडीए के अभियान के बारे में उन्हें अवगत कराएं और गांवों में दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के बीच आपसी भाईचारा स्थापित करने के लिए अभियान चलाएं। सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि सपा इस बार बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर के कार्यक्रम को सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि सेक्टर और गांव स्तर तक व्यापक रूप से मनाएगी।

गांव-गांव जाकर पीडीए समाज के लोगों को करेंगे जागरूक
14 अप्रैल को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिए संविधान बचाने और उसकी मूल भावना को समझाने के लिए जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के द्वारा दिए गए संविधान की रक्षा करना सपा की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं, जिनसे संविधान की आत्मा को कमजोर किया जा रहा है।
सलाहउद्दीन ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि संविधान के खिलाफ हो रही साजिश को पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को समझाएं। क्योंकि सपा लोकतंत्र को मजबूत रक्षा चाहती है। हम एकतंत्र लाना चाहते हैं। इसी के मद्देनजर पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने में जुट गये हैं और संविधान के महत्व पर चर्चा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सौदागर की तरह काम कर रही है और हर चीज को बेचने में लगी है, जिससे आम जनता और निवेश दोनों प्रभावित हो रहे हैं। सिद्दीकी ने कहा कि अखिलेश यादव जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि कि पार्टी कार्यकर्ता आंबेडकर जयंती को सामाजिक एकता और जागरूकता का अभियान बनाएं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्य के मतदाताओं ने 2024 में एकजुट होकर मुकाबला किया, वैसे ही 2027 में भी सपा पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी और सामाजिक न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
