सिपाही भर्ती के अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा दौड़ के लिए नहीं बुलाने के मामले पर हाईकोर्ट सख्त

लखनऊ। इलाहबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में शनिवार को सुनवाई के दौरान के न्यायाधीश जस्टिस पंकज भाटिया ने अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल की याचिका पर सुनवाई की। न्यायाधीश ने याचिकर्ता के अधिवक्ता को सुनने के बाद यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड को आदेशित किया की सभी याचिकाकर्ताओ को pet test ( दौड़ ) कराएँगे, एवं प्रतिशपथ एफिडेविट भी दस दिन में फाइल करने का आदेश दिया गया, और अगली सुनवाई की अगली तारीख 28 अक्टूबर 2026 नियत की गयी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में, भूतपूर्व सैनिको को कुल 5 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, भर्ती विज्ञापन 31 दिसबर 2025 के द्वारा भर्ती के लिए applications invite की गयीं थीं, जिसके बाद, भूतपूर्व सैनिको ( जिन्होंने मूलतः 15 वर्षो की भारतीय आर्मी में नौकरी करने के बाद, own request पर डिस्चार्ज ले लिया था एवं पेंशन भी प्राप्त कर हो गयी थी gratuty भी मिल गयी थी ) ने पुलिस भर्ती में प्रतिभाग लिया और लिखित परीक्षा पास भी कर ली, उसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हो गया लेकिन उसके बाद, pet test ( दौड़ ) में भाग लेने के लिए उनको admit card issue नहीं किया गया। अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल ने अपनी दलील में कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती इन अभ्यर्थियों को भूतपूर्व सैनिक मानने से भी इंकार कर रही है।

कृष्ण कन्हैया पाल ने बताया कि उसके बाद कुछ candidates( मनोज पाण्डेय एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार ) ने लखनऊ उच्च न्यायालय में दौड़ में भाग लेने के आदेश के लिए writ याचिका दायर किया, chief justice allahabad हाईकोर्ट ने, आज शनिवार को, कोर्ट बंद होने के बाद भी, urgent बेंच गठित किया।
जिसके बाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस पंकज भाटिया ने उपरोक्त writ याचिका पर सुनवाई किया, एवं याचिकर्ता के अधिवक्ता कृष्ण कन्हैया पाल को सुनने के बाद, यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड को आदेशित किया की सभी याचिकाकर्ताओ को pet test ( दौड़ ) कराएँगे। एवं प्रतिशपथ एफिडेविट भी दस दिन में file करने का आदेश दिया गया, और अगली सुनवाई की तारीख 28 अक्टूबर 2026 नियत की गयी है।