डॉ.अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा ने लिया निर्णय आस्था के प्रतीकों को विस्थापित न किए जाने संबंधी लिखित आश्वासन न दिए जाने तक यह कार्यक्रम जारी रहेगा

लखनऊ। 14 अक्टूबर 1956 को बाबा साहब ने नागपुर में अपने 5 लाख अनुयायियों के साथ पूर्व में की गई अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार हिंदू धर्म त्याग कर बौद्ध धर्म को अंगीकार किया था। बौद्ध धर्म दीक्षा के समय बाबा साहब ने 22 प्रतिज्ञाएं अपने अनुयायियों को दिलाई थी तथा आगे आने वाली पीढ़ियो से इन प्रतिज्ञाओं का पालन करने का आवाहन किया था।
इनमें सबसे महत्वपूर्ण प्रतिज्ञा थी कि, “मैं गौरी गणपति और हिंदुओं के अन्य देवी देवताओं में आस्था नहीं रखूंगा और नहीं उनकी पूजा करूंगा।”आज बाबा साहब की इन्हीं बताए हुए रास्ते पर चलकर बहुजन समाज तेजी से बुद्ध की विचारधारा को अंगीकार कर रहा है तथा वैज्ञानिक रास्ते अर्थात बुद्ध के तर्कशील सिद्धांत को अपना रहा है।
डॉ. अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा एवं बुद्ध अंबेडकर संगठनों के द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री राष्ट्रपति आदि को अनेकों ज्ञापन प्रेषित करने के बावजूद भी सरकार की तरफ से लिखित में कोई भी आश्वासन अभी तक नहीं दिया गया है कि बाबा साहब का पवित्र अस्थि कलश नहीं हटाया जाएगा। इस कारण आंदोलन की उपरोक्त कड़ी में आस्था के प्रतीक बाबा साहब के अस्थि कलश एवं बुद्ध प्रतिमा की पूजा वंदना का कार्यक्रम प्रत्येक बुधवार को सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित हो रहा है।

बुधवार को विधानसभा के सामने स्थित अंबेडकर महासभा प्रांगण में जिसमें सैकड़ों बुद्ध अंबेडकर अनुयायियों ने प्रतिभाग किया। साथ ही यह भी निर्णय लिया कि जब तक सरकार की तरफ से आस्था के उपरोक्त प्रतीकों को विस्थापित न किए जाने संबंधी लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा तब तक यह कार्यक्रम अनवरत रूप से चलता रहेगा। यदि इन्हें विस्थापित किया जाता है तो संघर्ष बड़े आंदोलन का रूप भी ले सकता है।
पूजा बंदना कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व कैबिनेट मंत्री केके गौतम, रामकुमार गौतम, डॉ राम शब्द जसवारा, पीसी कुरील, डॉ लाल्ती देवी, विनोद कुमार गौतम, बी डीसिंह ,श्री कृष्णा अनुरागी ,राम अवध गौतम,प्रमोद कुमार,अमृतलाल साहू,रघुनाथ प्रसाद,नंदकिशोर राधे श्याम,, राम हर्ष प्रसाद, रमाकांत, बिहारी राम,अमरनाथ , राम लगन सिंह यादव,बंगाली प्रसाद,केपी प्रसाद,रामदास मौर्य,रामानंद ,विजेंद्र सिंह,सुरेश कुमार,नंदकिशोर, श्रीनाथ सिंह कुशवाहा,इंभीमराज, जीत लाल सैनी रिटायर्ड पीसीएसआदि लोग उपस्थित रहे।