भाजपा की दलित विधायक को भी मंदिर में नहीं घुसने दिया गया, सपा नेता ने FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को सौंपा पत्र

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में स्थित शीतला देवी मंदिर में भूमि पूजन के दौरान मलिहाबाद विधानसभा सीट से विधायक श्रीमती जयदेवी के साथ जातिगत भेदभाव और छुआछूत का गंभीर मामला सामने आया है।
इस घटना को लेकर समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय महासचिव मनोज पासवान ने हजरतगंज पुलिस कमिश्नरेट के प्रभारी निरीक्षक को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस को सौंपे गए पत्र के अनुसार, यह घटना 19 अगस्त 2026 की है। मलिहाबाद की विधायक श्रीमती जयदेवी जनपद लखनऊ के काकोरी में शीतला देवी मंदिर में आयोजित एक शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं।
आरोप है कि इसी दौरान वहां के पुजारी शैलेंद्र व रमाकांत और उनके अन्य साथियों ने विधायक के साथ जाति के आधार पर भेदभाव और छुआछूत की भावना से दुर्व्यवहार किया गया।
समाजवादी छात्रसभा के नेता मनोज पासवान ने अपने पत्र में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 का उल्लेख करते हुए कहा है कि देश के संविधान में जाति या नस्ल के आधार पर किसी भी नागरिक के साथ छुआछूत या अस्पृश्यता की भावना रखना एक दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय है।
पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने हजरतगंज पुलिस से इस पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेने का अनुरोध किया है। पत्र के माध्यम से आरोपी पुजारी शैलेंद्र, रमाकांत और उनके अन्य सहयोगियों के खिलाफ तुरंत सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच की उम्मीद जताई जा रही है।