सामाजिक व्यवस्था में उच्च व श्रेष्ठ समझने व मानने की मानसिकता रखने वालों के उत्पीड़न से दलित समाज को निजात दिलाने के लिए ही एससी/ एसटी अत्याचार निवारण एक्ट बनाया गया

लखनऊ। सामाजिक संस्था बहुजन भारत के महासचिव चिंतामणि ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हल्द्वानी में जहाँ सभा की गयी, उस सभा स्थल का शुद्धिकरण किया जाना इस बात का प्रमाण है कि देश में जातिवादी मानसिकता के लोग आज भी दलितों के साथ खुलकर अन्याय और अत्याचार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के 80 साल बाद भी दलितों के खिलाफ भेदभाव और छुआछूत आज भी कायम है। आज के इस दौर में जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा इस्तेमाल किये गए सभास्थल का महज इसलिए शुद्धिकरण कराया जाता है एवं दलित समाज के भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंका जाता है क्योंकि वे दलित समाज से आते हैं।
चिंतामणि ने कहा कि जब सिर्फ दलित होने की वजह से इतने ताकतवर एवं महत्वपूर्ण लोगों के खिलाफ खुलेआम भेदभाव और छुआछूत किया जा रहा है तो गाँव देहात में रहने वाले दलित समाज के साथ किस तरह का उत्पीड़न और अत्याचार होता होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दलित उत्पीड़न की जो घटनाएँ मीडिया में आ जाती हैं, लोगों को उसकी जानकारी तो हो जाती है, लेकिन जो मामले मीडिया में नहीं आ पाते उनकी तो कहीं कोई चर्चा तक नहीं होती।
उन्होंने कहा कि अपने को सामाजिक व्यवस्था में उच्च व श्रेष्ठ समझने व मानने की मानसिकता रखने वालों के उत्पीड़न से दलित समाज को निजात दिलाने के लिए ही एससी/ एसटी अत्याचार निवारण एक्ट बनाया गया। बावजूद इसके उत्पीड़न की घटनाएँ कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की छुआछूत और भेदभाव व दलितों के साथ हो रहे उत्पीडन को रोकने के लिए सत्ता में बैठे लोगों को आगे आकर इसे सख्ती से रोकना चाहिए।
चिंतामणि ने कहा कि बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी ने कहा था कि यदि सत्ता जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं करती है एवं गरीबों एवं दलितों पर हो रहे अन्याय-उत्पीडन नहीं रोकती है तो जनता द्वारा ऐसी सत्ता को अपने वोट की ताकत से बदल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पीडीए समाज के लोग एकजुट होकर अपने ऊपर हो रहे अन्याय और उत्पीडन को रोकने के लिए एवं अपना संवैधानिक हक बचाने एवं पाने के लिए सत्ता को बदलकर अपने विचारधारा की सरकार बनायें। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ही पीडीए समाज का हक बचाने एवं दिलाने के लिए सक्षम एवं संघर्षरत है।