भाजपा और आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता उजागर : सलाहउद्दीन सिद्दीकी

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कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के सभास्थल का शुद्धिकरण कराके संघ ने बताया भाजपा  में वंचितों को गुलाम बनकर ही रहना होगा   

लखनऊ। यूपी के पूर्व राज्य मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस का दलित विरोधी चेहरा अब पीडीए समाज के सामने उजागर हो गया है। झूठे दलित प्रेम का नाटक करने वाली भाजपा और आरएसएस एक तरफ को डॉ. अम्बेडकर को अपना आदर्श बताती है।

वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खडगे के सभा स्थल का अपने कार्यकर्ताओं के जरिये शुद्धिकरण कराके यह सन्देश देना चाहती है कि उनकी भारतीय संविधान में नहीं बल्कि मनुस्मृति में आस्था है और ये दोनों देश को संविधान से नहीं बल्कि मनुस्मृति के कानून से चलाना चाहते हैं।

सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा शासन दलित उत्पीडन की घटनाओं के साथ ही अल्पसंख्यक समाज खासतौर पर मुस्लिमों के खिलाफ अन्याय और अत्याचार की घटनाएँ भीं बढ़ीं हैं।

उन्होंने कहा कि जब एक राष्ट्रीय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ इस तरह का छुआछूत वाला व्यवहार भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता महज इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह दलित समाज से आते हैं।

आरएसएस और भाजपा का यह कोई पहला कृत्य नहीं है, ये पार्टी और संगठन अपने दल के दलित और पिछड़ा वर्ग के नेताओं को भी उनकी जाति के कारण समय-समय पर उन्हें अपमानित करते रहते हैं। कभी किसी वरिष्ठ मंत्री को मंच पर कुर्सी की जगह स्टूल पर बिठाकर पूरे पीडीए समाज को ये मनुवादी ताकतें इन्हें इनकी हैसियत का अहसास दिलाती रहती हैं।

सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि संविधान विरोधी, दलित और पिछड़ा  वर्ग के साथ ही अल्पसंख्यक विरोधी भाजपा और आरएसएस को सत्ता से बाहर करके ही इनके इस सामाजिक उत्पीडन को रोका जा सकता है।

इसके लिए जरूरी है कि पीडीए समाज सपा के पक्ष में एकजुट होकर चुनाव में वोट करे, अगर ये अगली बार भी सत्ता में आ गए तो संविधान ख़त्म करने के साथ ही वाचित समाज के मौलिक अधिकार भी ख़त्म कर देंगे।

 

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