आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रहा RSS

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर का आंदोलन की तरह ही झारखंड की राजधानी रांची में भी छात्र और नौजवान अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रांची के आंदोलन पर कांग्रेस और उसके समर्थक दल खुलकर नहीं बोल रहे हैं, जबकि अब भाजपा और उसके समर्थक दल छात्रों की आवाज उठाने के लिए आगे आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा और उसके समर्थक दलों ने भी इस आंदोलन को हाईजैक कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में दलित, आदिवासी और अन्य पिछड़े वर्गों का आरक्षण अब लगभग निष्प्रभावी होता जा रहा है और RSS के लोग इसे और निष्प्रभावी बनाने में लगे हैं।
मायावती ने कहा कि पब्लिक सेक्टर को कमजोर कर लगातार प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे गरीब और बेरोजगार वर्ग पिछड़ रहा है, जबकि बड़े पूंजीपति और धन्नासेठ मजबूत होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बसपा निजी क्षेत्र के खिलाफ नहीं है, लेकिन सरकारी नौकरियों की तरह निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।
CJP के आंदोलन को कांग्रेस-सपा ने हाईजैक किया
मायावती ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर हुए CJP के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रों, नौजवानों और Gen-Z की समस्याओं से जुड़ा यह आंदोलन गंभीर मुद्दों को उठाता है और बसपा हमेशा छात्र-युवाओं के साथ खड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP के आंदोलन को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने हाईजैक कर लिया। अब उसकी आड़ में संसद भी नहीं चल पा रही है।