अपने अधिकारों की रक्षा के लिए धोबी समाज सपा का साथ दे

लखनऊ। सामाजिक संस्था बहुजन भारत के महासचिव चिंतामणि ने कहा कि देश में कुछ ताकतें संविधान ख़त्म करना चाहतीं हैं, उन्हें ये मालूम है कि संविधान में ही दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के अधिकार निहित हैं, इन मनुवादी ताकतों का यह मानना है कि अगर संविधान ख़त्म हो जाय तो इन वर्गों के अधिकार स्वत: समाप्त हो जायेंगे।
चिंतामणि ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में हमारा संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण सब खतरे में है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र रहेगा तभी पीडीए समाज यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकार और हक़ बचेंगे।
ऐसी स्थिति में हमें खासतौर पर पीडीए समाज को संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे समाजवादी पार्टी का साथ देना होगा।
चिंतामणि बहुजन भारत संस्था द्वारा आयोजित दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के विकास में संविधान का महत्त्व पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ही लड़ रहे हैं।
उन्होंने धोबी समाज का आह्वान किया कि वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सपा का साथ दे। संस्था के लखनऊ स्थित मुख्यालय में आयोजित गोष्ठी में चिंतामणि ने कहा कि बच्चों की तकनीकी, मेडिकल की पढाई के साथ उच्च शिक्षा भी काफी महँगी हो गयी है, जिसकी वजह से बहुजन समाज के बच्चे गरीबी के कारण इससे वंचित हो रहे हैं।

यूपी में बहुजनों के खिलाफ जातीय उत्पीड़न की घटनाएँ बढीं
उन्होंने कहा कि अभी हाल में स्पेशल कंपोनेंट योजना के तहत आजमगढ़, जालौन, कन्नौज और सहारनपुर मेडिकल कालेज बने इनमें अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों के लिए 70 फ़ीसदी आरक्षण की व्यवस्था थी।
लेकिन कोर्ट के दखल के बाद इन वर्गों के लिए दाखिले में महज 23 फ़ीसदी ही आरक्षण इन कालेजों में एससी/एसटी के बच्चों को मिल पायेगा।
चिंतामणि ने कहा कि यूपी में बहुजनों के खिलाफ जातीय उत्पीडन की घटनाएँ बढीं हैं, इन वर्गों की कहीं कोई सुनवाई भी नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे में बहुजनों में खासतौर पर धोबी समाज को यह तय करना होगा कि वे अपने संविधान और आरक्षण के हक़ को कैसे बचायेंगे।

सत्ताधारी दल बहुजनों के अधिकारों को ख़त्म कर रहा है हमें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अपने वोट के जरिये बहुजनों की लड़ाई लड़ रहे दल की सरकार बनानी होगी तभी हम पर हो रहे अन्याय और अत्याचार रुकेंगे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी ही संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ रही है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम चुनाव में सपा का खुलकर सहयोग करें।
चिंतामणि ने यह भी स्पष्ट किया कि कांशीराम जी का बहुजन समाज और समाजवादी पार्टी का पीडीए समाज दोनों एक ही है। अखिलेश जी भी पीडीए समाज के जरिये पिछड़ा वर्ग, दलितों और अल्पसंख्यकों को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं जिसे बसपा ने बहुत पहले ही छोड़ दिया है।
इस गोष्ठी में प्रयागराज, कौसम्बी, फतेहपुर, सुलतानपुर, अमेठी, रायबरेली, प्रतापगढ़, उन्नाव, लखनऊ, बांदा,हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, झाँसी,ललितपुर, जालौन, मिर्जापुर, संत रविदास नगर (भदोही), सोनभद्र आदि जिलों के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे।