पूर्व मंत्री केके गौतम ने बाबा साहब के अनुयायियों के साथ महासभा परिसर में अस्थि कलश बुद्ध प्रतिमा की पूजा वंदना की

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा के गेट नंबर 3 के सामने अंबेडकर महासभा प्रांगण में स्थापित बाबा साहब के अस्थि कलश, बुद्ध प्रतिमा , बोधि वृक्ष आदि को यहां से विस्थापित करके ऐशबाग में हस्तांतरित करने के संबंध में डॉक्टर लाल जी प्रसाद निर्मल द्वारा दिए गए बयान के विरोध में “डॉक्टर अंबेडकर अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा” के संयोजक के के गौतम, पूर्व कैबिनेट वित्त मंत्री के नेतृत्व में भारी संख्या में बुद्ध अंबेडकर अनुयायियों ने अंबेडकर महासभा में उपस्थित होकर पूजा वंदना की। अंबेडकर महासभा प्रांगण में स्थापित बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का अस्थि कलश 14 अप्रैल 1991 को उनकी पत्नी डॉक्टर सविता अंबेडकर के द्वारा स्थापित किया गया था। 21 अप्रैल 1993 को तत्कालीन उपराष्ट्रपति श्री के आर नारायणन द्वारा इसी स्थल पर बोधि वृक्ष स्थापित की स्थापना की गई थी। इसी स्थल पर तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह जी के द्वारा 6 दिसंबर 2001 को 101 फीट ऊंची विशालकाय बुद्ध प्रतिमा लगाने की घोषणा की गई थी।

इसी स्थल पर 14 सितंबर 2017 को महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा भव्य धम्म चक्र स्थापित किया गया था। बुद्ध अंबेडकर हनुमान जी के आस्था एवं श्रद्धा उपरोक्त सभी प्रतीक तभी से यहां पर स्थापित है तथा पूजा वंदना की जाती रही है। 14 अप्रैल, 6 दिसंबर, संविधान दिवस आदि विशिष्ट अवसरों पर देश और विदेश के तमाम राष्ट्रीय अध्यक्ष, न्यायविद आकर बाबा साहब को श्रद्धा सुमन अर्पित करते रहे हैं।
इस प्रकार यह स्थल बुद्ध अंबेडकर अभियानों की आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक तो है ही साथ ही साथ सामाजिक परिवर्तन व सामाजिक क्रांति का राष्ट्रीय महत्व भी रखता है, क्योंकि इसी स्थल से माननीय प्रधानमंत्री वीपी सिंह द्वारा ओबीसी को 27% आरक्षण दिए जाने की घोषणा की गई थी, इसी स्थल से वीपी सिंह ने हरिजन समाज कल्याण से हरिजन शब्द हटाने एवं समाज कल्याण विभाग बनाने की घोषणा की थी।
इसी स्थल से तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव ने एससी-एसटी का आरक्षण प्रतिशत बढ़ाकर 21 प्रतिशत व दो प्रतिशत करने की घोषणा की थी तथा मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने उच्च शिक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की घोषणा की थी। बुद्ध आंबेडकर अभिमनियों की आस्था श्रद्धा व सामाजिक क्रांति के प्रतीक इस स्थल को संरक्षित करने का दायित्व संविधान के अनुच्छेद 49 के अंतर्गत राज्य सरकार का है।
इस स्थल पर बाबा साहब का भव्य स्मारक बनवानी व उसका सौंदर्य करण करने के लिए “अस्थि कलश बचाओ संघर्ष मोर्चा” संघर्षरत है तथा यह संघर्ष बड़े जन आंदोलन का रूप ले रहा है। यदि इसे संरक्षित करके भव्य स्मारक बनवाने हेतु राज्य सरकार द्वारा आदेश पारित नहीं किए जाते हैं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा, जिसका निर्णय मोर्चा कोर कमेटी व संयोजक मंडल की बैठक में लिया जाएगा।
आज आयोजित पूजा वंदना में मोर्चा के संयोजक पूर्व कैबिनेट मंत्री के गौतम सपरिवार उपस्थित हुए। मोर्चा के संयोजक मंडल के सदस्य पूर्व एसडीएम राम कुमार गौतम, दया सागर बौद्ध, जीत लाल सैनी, राम लगन सिंह यादव, समय सिंह बौद्ध, नेकराम बौद्ध, वीर बहादुर बौद्ध, टी एल बौद्ध, सत्यवीर सिंह यादव, बच्चन लाल, डा उमाशंकर, ओम प्रकाश, अमरनाथ, बिहारी राम, राजेशस्वरूप आदि सैकड़ों लोगउपस्थित रहे। पूजा वंदना कार्यक्रम पूज्य भंते दीपांकर एवं पूज्य भिक्षुणी अत्तदीपा जी के द्वारा संपादित कराया गया।