स्वामी प्रसाद मौर्य ने आसपा प्रमुख से मुलाकात करके मिलकर चुनाव लड़ने पर की चर्चा
लखनऊ। यूपी में इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की चर्चा है। ऐसे में राज्य का सियासी पारा तेजी से बढ़ता जा रहा है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। आसपा प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद पिछले चार दिन से लखनऊ में ही हैं और वे राज्य की एक-एक सीट पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर संभावित उम्मीदवारों से चर्चा भी कर रहे हैं।
वैसे आसपा अकेले दम पर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर चुनाव
लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि आसपा प्रमुख का मकसद भी राज्य से यूपी की भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकना है।
चन्द्रशेखर आजाद ने राज्य के छोटे-छोटे दलों के साथ मिलकर एक मोर्चा बनाने का भी निर्णय लिया है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि वे यूपी में सपा-कांग्रेस नीत इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनेंगे, लेकिन वे यूपी में किसी न किसी गठबंधन के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेंगे।
वैसे राज्य के पूर्व मंत्री व अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ में चन्द्रशेखर आजाद से मुलाकात की और राज्य के राजनीतिक हालात व चुनावी गठबंधन पर चर्चा की। मौर्य का कहना है कि दोनों दलों का मकसद एक है और दोनों ही दल बहुजनों को उनके अधिकार दिलाने के लिए संघर्षरत हैं। इसलिए दोनों दल विधानसभा का चुनाव मिलकर लड़ेंगे और यूपी से योगी आदित्यनाथ की सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।
