25 मई से 2 जून तक रहेगा नौतपा, नौतपा क्या है और इसके पीछे का विज्ञान क्या है?
लखनऊ। डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन (डीपीआरए) के प्रांतीय प्रवक्ता राजीव कुमार कनौजिया ने बताया कि राज्य में नौ दिन आम जनता को गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक नौतपा के ये 9 दिन खूब तपते हैं और अच्छी गर्मी पड़ती है, तो मॉनसून के दिनों में बारिश बहुत अच्छी होती है। इसलिए नौतापा में गर्मी के ताप से बचने के लिए आम जनता को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उनका कहना है कि वैसे तो पूरे गर्मी के मौसम में सभी को सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन गर्मी में इन नौ दिनों में विशेष सावधानी और सतर्कता की जरूरत है।

नौतपा में क्या-क्या सावधानियां (Precautions) लें?
इस भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें।
1.खान-पान में बदलाव (सबसे जरूरी)-
पानी को बनाएं अपना दोस्त: प्यास न भी लगे, तो भी हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें। शरीर में पानी की कमी (Dehydration) बिल्कुल न होने दें।
देसी पेय पदार्थों का सेवन: ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी, गन्ने का रस, छाछ, लस्सी, नारियल पानी, और आम पन्ना का सेवन नियमित रूप से करें।
हल्का भोजन: इन 9 दिनों में भारी, मसालेदार और तले-भुने खाने से परहेज करें। मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी खाएं जो शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं।
2. घर से बाहर निकलते समय रखें ध्यान-
सही कपड़ों का चुनाव: ढीले, हल्के रंग के और सूती (Cotton) कपड़े ही पहनें। सिंथेटिक कपड़ों से बचें।
धूप से बचाव के हथियार: जब भी धूप में निकलें, सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढकें। धूप का चश्मा (Sunglasses) और छाते का इस्तेमाल जरूर करें।
पीक ऑवर्स से बचें: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बहुत जरूरी न हो तो बाहर निकलने से बचें।
3. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ख्याल –
बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) इस मौसम में जल्दी प्रभावित होती है, इसलिए उन्हें ठंडी और हवादार जगह पर ही रखें।
किसी भी बंद गाड़ी/कार में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला बिल्कुल न छोड़ें, कार के अंदर का तापमान चंद मिनटों में जानलेवा हो सकता है।
4. एक छोटा सा नेक काम (बेजुबानों के लिए) –
इस भीषण गर्मी में पक्षियों और आवारा जानवरों के लिए अपने घर की छत, बालकनी या मुख्य द्वार पर मिट्टी के बर्तनों में साफ पानी जरूर रखें। आपकी छोटी सी कोशिश किसी की जान बचा सकती है। सावधान रहें, सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें! अगर आपको चक्कर आना, बहुत ज्यादा कमजोरी लगना या सिरदर्द जैसी समस्या हो, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।