पार्षद लाइब्रेरी की स्थिति देख कुपित हुए सांसद रमेश अवस्थी 

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पार्षद पुस्तकालय को कानपुर की बेहतरीन लाइब्रेरी बनाएं

कानपुर। आखिरकार सांसद रमेश अवस्थी के बुलाने पर अफसरों ने पार्षद लाइब्रेरी की सुध ली। गांधी भवन फूलबाग की पार्षद लाइब्रेरी के कायाकल्प करने की चर्चा हुई। सांसद रमेश अवस्थी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी महत्वपूर्ण लाइब्रेरी जो 1823 से लेकर अभीतक की पुस्तकें यहां पर उपलब्ध हैं इसे नगर की बेहतरीन लाइब्रेरी बनाएं। इसे सुधारने का काम शुरू किया जाए। शहर की सबसे बेहतरीन लाइब्रेरी बनाएं। इस लाइब्रेरी का 2 फरवरी 1963 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्ता ने उद्घाटन किया था।

लाइब्रेरी में 40000 पुस्तकें, शीशे टूटे होने के कारण बरसात का पानी आता है अंदर

उद्घाटन के समय इसका नाम कानपुर लाइब्रेरी था इसके बाद पद्मश्री श्याम लाल गुप्त पार्षद के नाम से पार्षद लाइब्रेरी रखा गया।1999 को के.डी.ए. प्रशासन के सहयोग से कराया लाइब्रेरी शुभवस्थित हुई गांधी भवन लाइब्रेरी को पुन: व्यवस्थित करने डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का काम प्रारंभ हो गया है।

सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाइब्रेरी में 40000 पुस्तक हैं, किसकी जिम्मेदारी है शीशे टूटे हैं बंदर घुस जाते हैं और पानी जब बरसता है तो सब पुस्तकों भीग जाती हैं। इसके लिए अलमारी की व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए गए लगभग दो करोड़ रूपया लाइब्रेरी की रखरखाव के लिए शासन द्वारा आया है। जिस पर सांसद ने कहा कि किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।

लाइब्रेरी में लगभग 15 बच्चे पढ़ते हुए मिले जिस पर सांसद रमेश अवस्थी ने उन बच्चों को प्रोत्साहित किया और अधिकारियों से कहा कि पार्षद लाइब्रेरी में कंपटीशन की पुस्तके बच्चों को उपलब्ध कराये कहीं परेशानी हो तो हम अपने बजट से किताबें मुहैया कर देंगे।

सांसद रमेश अवस्थी ने सुरेश गुप्ता अध्यक्ष पद्मश्री श्याम लाल गुप्ता पार्षद को निरंतर महापुरुषों व लाइब्रेरी को देखने की जिम्मेदारी दी।

उसके बाद फिर वह पर्यटन विभाग में स्थापित रविंद्र नाथ टैगोर की प्रतिमा को भी देखने गए, उसे किसी पार्क में अच्छे ढंग से लगवाने का भी निर्णय लिया गया।

साथ ही साथ गणेश शंकर विद्यार्थी प्रतिमा स्थल पर गए जहां पर कानपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी गण मौजूद थे।

चौधरी साहब की प्रतिमा के सर के ऊपर से  जा रहे बिजली के तारों को तत्काल हटाएं : सांसद  

सांसद रमेश अवस्थी ने अधिशासी अभियंता अमनदीप व अवर अभियंता श्री सी.बी.पांडे को कहा कि इसका पुन: निर्माण का उद्घाटन होना है । इसको जल्द से जल्द ठीक कराया जाए । उसके बाद श्यामलाल गुप्त पार्षद वाटिका में गए वहां पर पानी की समस्या न होने के कारण उन्होंने जोनल अधिकारी को निर्देश दिये।

पार्षद जी की प्रतिमा के ऊपर छतरी बनाने का भी सांसद निधि से सांसद ने आश्वासन दिया। साथ ही साथ फूलबाग के बाहर एक वाटर कूलर लगा है जो कि सिर्फ उद्घाटन वाले दिन ही प्रारंभ हुआ था तब से बंद है। उसको भी पुन: प्रारंभ करने के लिए कहा।

सांसद उसके बाद घंटाघर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर आए और चौधरी साहब की प्रतिमा के सर के ऊपर से दो मोटे तार केस्को विभाग के गए थे वहां पर मौजूद अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि तुरंत इसे हटाया जाए।

जिससे प्रतिमा के ऊपर छतरी बनाई जा सके। कार्यक्रम का संयोजन सुरेश गुप्ता संयोजक पद्मश्री श्यामलाल गुप्त पार्षद स्मृति संस्थान ने किया। साथ में उपेंद्र शुक्ला पार्षद के नाती सौरभ गुप्ता रॉबिन गुप्ता राकेश सिद्धार्थ नसीम भाई सत्यनारायण गुप्ता सहित तमाम कार्यकर्ता थे।

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