भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए मैदान में उतरेंगे चन्द्रशेखर

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असपा की सत्ता परिवर्तन यात्रा दो जून से, राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों में होगी रैली

लखनऊ। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) भी चुनावी मोड पर आ गयी है। यूपी में अब विधानसभा चुनाव करीब है। माना जा रहा है कि अगले साल की शुरुआत से ही सभी दलों का चुनावी अभियान तेज हो जाएगा।

ऐसे में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद ने दो जून से प्रदेश के दौरे पर निकलने का निर्णय लिया है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि चन्द्रशेखर आजाद अपने सत्ता परिवर्तन यात्रा की शुरुआत किस जिले की विधानसभा सीट से करेंगे।

लेकिन यह तय है कि वह छह माह की इस सियासी यात्रा के दौरान राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों में होगी रैली करके भाजपा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

असपा प्रमुख ने बहुजन समाज पर हो रहे अन्याय व अत्याचार के खिलाफ शुरू से ही अपनी आवाज को बुलंद किया और दलित-मुस्लिम या पिछड़ा वर्ग के खिलाफ हुई उत्पीडऩ की प्रमुख घटनाओं पर घटनास्थल से लेकर सडक़ पर आंदोलन चलाया। यही वजह रही कि पार्टी गठन के कुछ समय बाद से ही बहुजन समाज इनकी पार्टी से जुड़ने लगा।

पार्टी के बढ़ते जनाधार को और मजबूत करने व विधानसभा में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए ही वे राज्य में सत्ता परिवर्तन यात्रा शुरू करने जा रहे हैं।

असपा प्रमुख ने लोकसभा चुनाव में अपने दम पर नगीना सीट जीतकर यह साफ कर दिया है कि उनका अपने क्षेत्र खासतौर पर पश्चिमी यूपी के जिलों में प्रभाव है।

उनके इसी प्रभाव के चलते पश्चिमी यूपी में दलितों के साथ ही मुस्लिम समाज के लोग भी असपा से भारी तादाद में जुड़ रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि चन्द्रशेखर आजाद यूपी में भाजपा को हराने के लिए किसी दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे या अकेले ही मैदान में उतरेंगे। फिलहाल दोनों ही स्थिति में उन्हें राज्य की सभी सीटों पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए इस तरह के आंदोलन, पदयात्रा या सत्ता परिवर्तन यात्रा की जरूरत है क्योंकि आंदोलनों से ही लोग जुड़ते हैं। ऐसे में असपा किसी दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है तो उनके इस अभियान का उस दल को भी फायदा होगा।

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