आग लगाने वाली महिला के इलाज की व्यवस्था की जाए : सपा प्रमुख
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को अचानक मेदांता हास्पिटल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती यूपी की पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल का हाल जाना। अखिलेश ने हाथ जोड़कर नमस्कार किया तो भाजपा विधायक मुस्कराने लगीं। अखिलेश ने अनुपमा जायसवाल का इलाज कर रहे डाक्टरों से भी बात की और विधायक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल की।

‘उनका जो फर्ज है, वो अहल-ए-सियासत जानें, मेरा पैगाम मोहब्बत है, जहां तक पहुंचे
अखिलेश ने मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की है। जिस पर एक शेर लिखा, ‘उनका जो फर्ज है, वो अहल-ए-सियासत जानें, मेरा पैगाम मोहब्बत है, जहां तक पहुंचे।’बहराइच से विधायक अनुपमा 25 अप्रैल को नारी वंदन अधिनियम संसद में गिरने के विरोध में अखिलेश यादव और राहुल गांधी का पुतला फूंक रही थीं, तभी झुलस गई थीं।
इस घटना के तुरंत बाद अखिलेश ने एक्स पर वीडियो पोस्ट किया था। लिखा था, ‘आग लगाने वाले सावधान रहें। आग लगाने वाली महिला की इलाज की व्यवस्था की जाए।
’सपा प्रमुख ने कहा, हम नहीं चाहते हैं कि समाज के बीच आग जले। हम चाहते हैं समाज में सौहार्द की फुहार हो। हमारी सकारात्मक राजनीति की स्वस्थ परंपरा ने हमें यही सिखाया है। इसीलिए हम भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल से मिलने गए।
राजनीति अपनी जगह, मानवीय संबंधों का महत्व अपनी जगह : सपा प्रमुख
अखिलेश यादव ने कहा हम भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल से मिलने गए। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करके आए हैं। राजनीति अपनी जगह है और मानवीय संबंधों का महत्व अपनी जगह। सद्भाव बना रहे, सौहार्द बना रहे!
इस मामले में सपा मीडिया सेल ने पीएम मोदी और सीएम योगी पर निशाना साधा। एक्स पर लिखा, राजनैतिक दल भले ही अलग हों, विचारधारा अलग हो, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव महिलाओं का सम्मान करने और सद्भाव में सबसे आगे हैं।
कैसे हुई थी घटना
बहराइच में 25 अप्रैल को दोपहर एक बजे भाजपा कार्यकर्ता नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने जैसे ही पुतले में आग लगाई। लपटें भडक़ उठीं और विधायक अनुपमा जायसवाल के चेहरे पर आ गईं। उनका चेहरा और सिर के बाल झुलस गए। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों ने तुरंत कपड़े से आग बुझाई। विधायक को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से मेदांता भेज दिया गया। अनुपमा जायसवाल योगी सरकार के पहले कार्यकाल में करीब 2 साल बेसिक शिक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्री थीं।
