मोहान तिराहे पर ‘महाराजा मल्हिया पासी स्मृति द्वार’ हटाने पर बवाल

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पासी समाज के सैकड़ों लोग सड़क पर उतरकर विरोध में डटे

लखनऊ। मोहन तिराहे पर ‘महाराजा मल्हिया पासी स्मृति द्वार’ हटाने को लेकर शनिवार से बवाल शुरू हो गया है। स्मृति द्वार हटाने के विरोध में पासी समाज के सैकड़ों लोग सडक़ पर उतरकर विरोध में डटे हुए हैं। इस मुद्दे को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा नेता कौशल किशोर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गये हैं। उनके साथ उनकी पत्नी व मलिहाबाद से जयादेवी कौशल भी धरना दे रहीं हैं।

विधायक जयदेवी कौशल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर 24 घंटे से समर्थकों संग खुद अपनी ही सरकार के खिलाफ  कर रहे धरना प्रदर्शन

विधायक जयदेवी कौशल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर 24 घंटे से समर्थकों संग खुद अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री के समर्थकों ने हरदोई हाईवे रोड जाम कर दिया है। सडक़ पर लोहे के लंबे खंभे रखकर रास्ता बाधित कर दिया है, जिसकी वजह से लंबा जाम भी लग रहा है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर कई एसीपी और कई थानों की पुलिस तैनात कर दिये हैं। पुलिस के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने में जुटे हैं।

क्या है विवाद की जड़

‘महाराजा मल्हिया/सलिहा पासी’ की विरासत और नामकरण को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गये हैं। दरअसल महाराजा मलिहा पासी और महाराजा सलिहा पासी दोनों भाई थे। मलिहा पासी ने मलिहाबाद और सलिहा पासी ने संडीला बसाया था।

मलिहा पासी का स्मृति द्वार हटाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। दरअसल स्थानीय ठेकेदार को 11 स्मृति द्वार लगाने के निर्देश दिए गए थे जिसका ठेका मिला हुआ था।

लेकिन उसने 12 वां स्मृति द्वार बिना परमिशन बना दिया। जिसके चलते ठेकेदार द्वारा 12वें स्मृति द्वार को हटा दिया गया। 12 वें स्मृति द्वार को लेकर परमिशन लखनऊ के जिलाधिकारी कार्यालय में लंबित है।

जिसकी वजह से 12 वें स्मृति द्वार को बनाने के बाद ठेकेदार द्वारा उसे हटाना पड़ा, इस द्वार के हटाये जाने पर स्थानीय विधायक और पूर्व सांसद ने आंदोलन शुरू कर दिया है।

मलिहाबाद क्षेत्र में अर्कवंशी और पासी समाज के बीच पहचान और इतिहास को लेकर टकराव को देखते हुए घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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