वंचित समाज को संविधान में प्रदत्त अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ रहे अखिलेश जी

कमल जयंत
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं यूपी के पूर्व राज्य मंत्री सलाहउद्दीन सिद्दीकी इनदिनों राजधानी लखनऊ व आसपास के जिलों में पीडीए समाज में भाईचारा स्थापित करने के लिए अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बहुजन समाज जिसे हम पीडीए समाज के नाम से भी जानते हैं, इनमें एका, इनके अधिकार और संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। पीडीए समाज के सारे अधिकार भारतीय संविधान में ही निहित हैं, इन वर्गों को यह अधिकार तभी मिलेंगे जब हमारा संविधान सुरक्षित राजनीतिक दल के हाथों में होगा। यानि केन्द्र में संविधान समर्थक दलों की सरकार बनने पर ही हमारा संविधान सुरक्षित रह सकेगा।

पीडीए समाज में भाईचारा स्थापित करके ही भाजपा का किया जा सकता है मुकाबला
सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि यही वजह है कि हमारे नेता सपा प्रमुख संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। साथ ही पीडीए समाज में आपसी भाईचारा स्थापित कराने के लिए राज्यव्यापी अभियान चला रहे हैं। सपा के सभी कार्यकर्ताओं को अपने नेता का अनुसरण करते हुए पीडीए समाज में एकता के लिए बूथ स्तर से लेकर ब्लाक और जिले में अभियान तेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज में भाईचारा स्थापित करने के लिए वे अपने नेता अखिलेश जी का अनुसरण करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों खासतौर पर बख्शी का तालाब, मोहनलालगंज, मलिहाबाद व लखनऊ से जुड़े जिलों में यह अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि गांव-गांव जाकर पीडीए समाज को एकजुट करके और इनके बीच भाईचारा स्थापित करके ही भाजपा का मुकाबला किया जा सकता है। दलितों में सभी जातियों को सपा से जोडऩे के साथ ही पिछड़ा वर्ग में कुर्मी, लोधी, कुम्हार, निषाद, राजभर आदि सभी जातियों को भी पार्टी व पीडीए मिशन से जोडऩा सभी पार्टी कार्यकर्ताओं की प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखकर वे अभियान के तौर पर उनके स्तर पर पीडीए समाज में एकजुटता लाने और उनमें आपसी भाईचारा स्थापित करने का अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में जुटने वाले सभी कार्यकर्ता पार्टी की नीतियों के साथ ही अखिलेश जी के हाथों को भी मजबूत करेंगे।
पीडीए समाज की एकता का अभियान संविधान विरोधी ताकतों को शिकस्त देगा
सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि की एकता का अभियान संविधान विरोधी ताकतों को शिकस्त देगा। उन्होंने बताया कि बहुजन मूवमेंट से खुद को जोड़े रखने के लिए ही समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश जी के निर्देश पर पीडीए समाज को एकजुट करने के अभियान को तेज कर दिया है। भाजपा और आरएसएस शुरू से ही भारतीय संविधान का विरोध कर रहे हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में पार्टी ने खुलकर कह दिया कि चार सौ से अधिक सीटें पाने पर वह भारतीय संविधान को खत्म कर देगी। दरअसल भाजपा देश में गैर बराबरी के आधार पर स्थापित सामाजिक व्यवस्था को लागू करना चाहती है, लेकिन संविधान के रहते उसके लिए यह संभव नहीं है। यही वजह है कि उसने चुनाव में संविधान को खत्म करने का नारा दिया, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश जी ने राहुल गांधी के साथ संविधान बचाने की लड़ाई लड़ी और भाजपा को केन्द्र में दो बैशाखियों के सहारे ला दिया।
संविधान विरोधी आंदोलन को परोक्ष रूप से पूरा सहयोग कर रही भाजपा
उनका कहना है कि एक बार फिर संविधान की रक्षा के लिए बहुजनों को एकजुट होकर संविधान विरोधी भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना होगा। अगले साल की शुुरुआत में यूपी में विधानसभा के चुनाव होने हैं और केन्द्र की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर ही जाता है। ऐसे में संविधान समर्थक ताकतों को इन संंविधान विरोधियों को यूपी की सत्ता से बाहर करना है। ताकि ये केन्द्र में दोबारा काबिज होने का सपना देखना भूल जाएं। भाजपा खुद तो बहुजनों की और संविधान की बात करती है, लेकिन साथ ही इनकी शह पर बहुजन विरोधी ताकतें संविधान और आरक्षण का विरोध कर रहीं हैं और भाजपा उनके इन आंदोलन को परोक्ष रूप से पूरा सहयोग कर रही है। सलाहउद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि सपा का पीडीए इन्हीं भाजपा समर्थित संविधान और आरक्षण विरोधी ताकतों के खिलाफ दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों को सजग कर रही है। हमें खुशी इस बात की है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के अभियान के साथ बहुजन समाज पूरी तरह से जुड़ रहा है।
