अब बृजभूषण शरण जैसे नेता कह रहे संविधान निर्माण व मंडल आयोग से सामाजिक संतुलन बिगड़ा
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि भाजपा के पूर्व सांसद श्री बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी दबी हुई मानसिकता को जाहिर कर ही दिया। भाजपा और आरएसएस के बड़े नेता ऐसे विषयों पर बड़ी चतुराई से बोलने से बचते हैं। एक बार गलती से मोहन भागवत जी का आरक्षण पर बयान बिहार चुनाव से पहले आ गया था जिसके कारण उन्हें चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा।
जब तक आरक्षण है, तब तक देश एकजुट और समृद्ध रहेगा
उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह यह कह रहे हैं कि संविधान निर्माण और मंडल आयोग से सामाजिक संतुलन बिगड़ गया है। यह उनके ज्ञान के अभाव को दर्शाता है। उन्हें यह समझना चाहिए कि जब से आरक्षण लागू हुआ है, देश और मजबूत हुआ है और अब कोई भी देश को गुलाम बनाने की सोच नहीं सकता।
देश हजारों वर्षों तक गुलाम रहा, जिसका एक बड़ा कारण यह था कि बहुजनों को सत्ता और शासन से वंचित रखा गया। जब तक आरक्षण है, तब तक देश एकजुट और समृद्ध रहेगा। अब समय है कि सच्चाई को स्वीकार किया जाए। दक्षिण भारत के कई राज्यों में आरक्षण आज़ादी से पहले ही लागू हो चुका था और वे आज विकास में आगे हैं। इसके विपरीत, उत्तर भारत उनके लिए मजदूर उपलब्ध कराने का केंद्र बन गया है।
उदितराज ने कहा कि 1902 में कोल्हापुर रियासत में आरक्षण लागू हुआ था। इसके बाद मद्रास(1921) , मैसूर और त्रावणकोर जैसी रियासतों में भी इसे लागू किया गया था। उत्तर भारत में विकास चाहिए तो राहुल गांधी जी द्वारा सुझाई गई ओबीसी जाति जनगणना जल्द कराकर उसके आधार पर आनुपातिक आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। मेरा मानना है कि इससे उत्तर भारत का भी विकास होगा और दक्षिण भारत के लिए मजदूर पैदा न करना पड़ेगा।