संत गाडगे महाराज की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अर्पित किये गये श्रद्धासुमन

लखनऊ। यूपी में कई सामाजिक संगठन संत गाडगे महाराज की जयंती समारोह माह का आयोजन कर रहे हैं। इसी के तहत सुलतानपुर जिले में रविवार को संत गाडगे जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सामाजिक संस्था बहुजन भारत के महासचिव चिंतामणि ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि दलित समाज गाडगे महाराज की जयंती मना रहा है, लेकिन हमें बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और बहुजन नायक कांशीराम जी के सपने का समाज स्थापित करना है।

चिंतामणि ने कहा कि ताकि पूरा बहुजन समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ सके। गाडगे महाराज ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आंदोलन में भी हिस्सा लिया और दलितों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। आज हमें गाडगे महाराज, बाबा साहब और कांशीराम जी के सपनों को पूरा करना है। तभी हम समृद्ध बहुजन समाज स्थापित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि देश के जो मौजूदा हालात हैं, उसमें हमें और भी सजग रहने की जरूरत है। साथ ही हमें भारतीय संविधान की रक्षा के लिए एकजुट रहना है। क्योंकि दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के सारे अधिकार संविधान में ही निहित हैं। देश में एक राजनीतिक दल भारतीय संविधान को खत्म करके देश में गैरबराबरी के आधार पर बनी सामाजिक व्यवस्था को लागू करना चाहती है। ऐसे में समाज की जिम्मेदारी है कि वे इस साजिश को नाकाम करने के लिए एकजुट रहें। एकजुट रहकर ही हम अपने अधिकार सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि दलितों, पिछड़ों को उनके अधिकार ना मिलें इसके लिए जातीय जनगणना नहीं कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि संत गाडगे महाराज अपना ट्रेडमार्क झाड़ू लेकर चलते थे और टोपी पहनते थे। जब भी वह किसी गांव में पहुंचते थे तो वह गांव की नालियां और सडक़ें साफ करते थे और अगर ग्रामीणों द्वारा पैसा दिया जाता है, तो वह इसका इस्तेमाल समाज के लिए कुछ अच्छा करने के लिए करते थे।