पीएम के साथ अप्रत्याशित घटना होने के बयान ने करायी जगहंसाई
लखनऊ। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री को लोकसभा परिसर में सांसदों से ही खतरा महसूस होने लगे तो ऐसे में देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। अखिलेश प्रताप ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के इस बयान महिला सांसदों से खतरा है। स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को दावा किया था कि पीएम मोदी के साथ सदन में कोई अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। मैंने पीएम को सदन में आने से मना किया था। बिरला के इस बयान का देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मजाक उड़ाया जा रहा है।

किसी अप्रत्याशित घटना से नहीं बल्कि राहुल गांधी के डर से लोकसभा नहीं गये पीएम
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को संसद में महिला सांसदों से डर लग रहा है, यह कहना कितना हास्यास्पद है। उनके इस कृत्य से संसदीय मर्यादा तार-तार हुई है। नरेन्द्र मोदी को संसद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए था। उन्हें सिर्फ इस बात का डर था कि लोकसभा पहुंचने कांग्रेस नेता एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कहीं पीएम को नरवणे की किताब न दे दें, उससे बचने के लिए प्रधानमंत्री लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपना वक्तव्य देने नहीं आये।

अखिलेश प्रताप ने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री लोकसभा परिसर में ही सुरक्षित नहीं है तो ऐसे में देश की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी। बिरला का यह कथन आज के संसदीय लोकतंत्र के लिए एक अभूतपूर्व घटना है। क्योंकि अभीतक यह नहीं सुना गया कि किसी पीएम ने किसी स्पीकर के इस तरह के अनुरोध पर लोकसभा में अपना वक्तव्य न दिया हो। उन्होंने कहा कि स्पीकर का यह कथन और देश के प्रजातंत्र और उसकी गरिमा पर कई सवाल खड़े करता है। क्या हमारा देश इस स्थिति में पहुंच गया है कि अब प्रधानमंत्री लोकसभा में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। देश की सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता है।