नौ अक्टूबर को बाराबंकी में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में तय होगी आंदोलन की रूपरेखा
लखनऊ। डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच यूपी में लगातार हो रही दलित उत्पीडऩ की घटनाओं के खिलाफ चरणवद्ध तरीके से आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहा है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवननाथ पासवन ने बताया कि दलित उत्पीडऩ की बढ़ती घटनाओं और उत्पीडऩ करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने से दलितों में खासा असंतोष है।

उनका कहना है कि नौ नवम्बर को बाराबंकी में होने वाले मंच के राष्ट्रीय अधिवेशन में इन्हीं मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही आंदोलन की रणनीति भी तय की जाएगी। भवननाथ पासवान का कहना है कि अब तो प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी दलितों के साथ अमानवीय कृत्य किया जा रहा है। काकोरी एक बुजुर्ग दलित से मंदिर में पेशाब चटवाने का कृत्य अमानवीय है।
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प्राइमरी स्कूलों में प्रधानाध्यापक दलित रसोइयों से खाना ना बनवाकर उनसे केवल साफ सफाई का काम लेते हैं। कानपुर देहात के सरवनखेड़ा ब्लाक के करसा प्राथमिक विद्यालय में तो प्रधानाध्यापिका प्रीती शर्मा ने तो दलित रसोइया से शौचालय साफ कराया और उसके खिलाफ जिला प्रशासन कोई भी कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। हरिओम बाल्मीकि की पीट-पीटकर की गयी हत्या के अलावा राज्य में और भी तमाम अमानवीय कृत्य हो रहे हैं।
सामान्य वर्ग के खिलाफ शोषण करने वालों का हाफ एनकाउंटर करने के साथ ही आरोपियों के घरों पर सरकार का बुलडोजर चलता है, लेकिन दलितों के साथ अमानवीय व दिल दहला देने वालों के खिलाफ इस तरह की कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती, जिसकी वजह से शोषण करने वालों के हौसले बुलंद हैं। पासवान ने कहा कि नौ नवम्बर को बाराबंकी में मंच के होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में दलित उत्पीडऩ के खिलाफ भावी रणनीति तय की जाएगी।