आरएसएस ने किया अधिकांश शिक्षण संस्थानों पर कब्जा
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि मैं कभी कभी सोचता हूँ जन नायक राहुल गांधी जी दलितों-पिछड़ों और आदिवासियों की आवाज न होते तो मनुवादियों ने तो आरक्षण खत्म कर दिया होता और संविधान को और ज्यादा कमजोर कर दिया होता। डॉ. उदितराज ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यदि राहुल जी जातीय जनगणना के लिए देशव्यापी आंदोलन न चलाते तो शायद जाति जनगणना का होना असंभव था। आरएसएस ने ज्यादातर शिक्षण संस्थाओं में कब्जा कर लिया है। जिनका पूरा प्रयास रहता है कि बहुजन पढ़ें ही न। नाट फाउंड सूटेबल (एनएफएस) आम बात हो गई है।

बहुजन समाज के छात्रों और युवाओं को संगठित होना पड़ेगा और मनुवादियों को सत्ता से बाहर करने की लड़ाई लडऩा होगा वर्ना अब पूरी तरह से हमें गुलाम बना दिया जाएगा। राहुल गांधी जी ही थे जिनके कारण रोहित विमुला एक्ट बना और इसे लागू कराने की भी लड़ाई लड़ रहे हैं और हम सभी को उनका साथ देना चाहिए।
रोहित का सवाल आज भी हमारे सीने में धड़क रहा : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि आज रोहित वेमुला को गए 10 साल हो गए। लेकिन रोहित का सवाल आज भी हमारे सीने में धड़क रहा है, क्या इस देश में सपने देखने का हक़ सबको बराबर है? रोहित पढ़ना चाहता था, लिखना चाहता था। विज्ञान, समाज और इंसानियत को समझकर इस मुल्क को बेहतर बनाना चाहता था। लेकिन इस व्यवस्था को एक दलित का आगे बढ़ना रास नहीं आया।