देश और उत्तर प्रदेश में जब आपकी अपनी सरकार होगी तभी आप संविधान को संविधान की मंशानुरूप लागू कर सकेंगे

महोबा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव चिंतामणि ने कहा कि बाबा साहब डॉ. आंबेडकर ने संविधान सभा के अंतिम भाषण में कहा था कि यह विश्व का सबसे अच्छा संविधान होगा यदि इसे लागू करने वालों की नीयत एवं मन्शा अच्छी होगी। यदि संविधान लागू करने वालों की मंशा व नीयत अच्छी नहीं है तो यह सबसे ख़राब संविधान साबित होगा।
यह संविधान वही लागू कर सकता है जो सरकार में है और जिसके हाथ में सत्ता होगी। जब आपकी अपनी सरकार होगी तब आप संविधान को संविधान की मंशानुरूप लागू कर सकेंगे।
महोबा में सपा कार्यालय में आयोजित स्वजन मिलन कार्यक्रम में चिंतामणि ने कहा कि देश में कुछ ताकतें संविधान ख़त्म करना चाहतीं हैं, उन्हें ये मालूम है कि संविधान में ही दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के अधिकार निहित हैं, इन मनुवादी ताकतों का यह मानना है कि अगर संविधान ख़त्म हो जाय तो इन वर्गों के अधिकार स्वत: समाप्त हो जायेंगे।
चिंतामणि ने ललितपुर जिले में सपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में हमारा संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण सब खतरे में है।

चिंतामणि ने कहा कि ये सरकार तो महिला विरोधी भी है, इस सरकार में महिलाओं के सारे अधिकार मिले थे। महिलाओं को ये अधिकार संविधान से प्राप्त हैं, यही वजह है कि ये दल संविधान ख़त्म करने की लगातार साजिश कर रहा है। पीडीए और महिलाओं को भाजपा सरकार से सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र रहेगा तभी पीडीए समाज यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग और महिलाओं के अधिकार और हक़ बचेंगे। ऐसी स्थिति में हमें खासतौर पर पीडीए समाज को संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे समाजवादी पार्टी का साथ देना होगा।
चिंतामणि ललितपुर में सपा कार्यालय में दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के विकास में संविधान के महत्त्व पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ही लड़ रहे हैं। उन्होंने इस मौके पर कार्यक्रम में मौजूद धोबी समाज का भी आह्वान किया कि वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सपा का साथ दे।
चिंतामणि ने यह भी स्पष्ट किया कि कांशीराम जी का बहुजन समाज और समाजवादी पार्टी का पीडीए समाज दोनों एक ही है। अखिलेश जी भी पीडीए समाज के जरिये पिछड़ा वर्ग, दलितों और अल्पसंख्यकों को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं जिसे बसपा ने बहुत पहले ही छोड़ दिया है।