कैंट क्षेत्र में अब भी लागू हैं अंग्रेजों के काले कानून : प्रमोद शर्मा

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हमारी पहली प्राथमिकता पूरे छावनी को अंधेरा मुक्त बनाना

कमल जयंत

लखनऊ छावनी परिषद के नामित सदस्य प्रमोद शर्मा इन दिनों पूरे कैंट इलाके में विकास कार्य कराने में व्यस्त हैं। उनका कहना है कि रक्षा मंत्रालय ने जिस मकसद के तहत उन्हें इस बोर्ड का सदस्य नामित किया है, उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए वे दिन रात छावनी क्षेत्र को विकसित करने में जुटे हुए हैं। उनकी पहली प्राथमिकता पूरे छावनी को अंधेरा मुक्त बनाना है। इसके लिए पूरे क्षेत्र में पन्द्रह हाईमास्ट लगाये जा रहे हैं। सीवर लाइन डालने की वजह से पूरे कैंट क्षेत्र की गलियां खुदी पड़ीं थीं, उन्हें ठीक कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इन दिनों हर गली में इंटरलॉकिंग का काम चल रहा है।

कैंट क्षेत्र में स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और तोपखाना स्थित इंटर कालेज को आदर्श कालेज स्थापित करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने लखनऊ कैंट को बेस्ट शिक्षा अवार्ड देने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि उन्हें यह पुरस्कार रक्षामंत्री राजनाथ सिंह नौ दिसंबर को रक्षा दिवस पर आयोजित एक समारोह में देंगे। प्रमोद शर्मा का कहना है कि जबसे वे बोर्ड के सदस्य नामित हुए हैं, तबसे लगातार क्षेत्र के विकास कार्यों में जुटे हैं, लेकिन कैंट बोर्ड का चुनाव न होना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।

छावनी परिषद सदस्य का चुनाव कराने के लिए बनी हाई लेवल कमेटी

उनका कहना है कि देश को आजाद हुए अस्सी साल होने वाले हैं और पूरे देश में कहीं भी अंग्रेजों के काले कानून लागू नहीं हैं, लेकिन कैंट बोर्ड क्षेत्र में आज भी अंग्रेजों द्वारा बनाये गये भारतीय विरोधी काले कानून लागू हैं। हमारी प्राथमिकता इन काले कानूनों को भी समाप्त कराना है। वैसे सरकार का रुख भी इस दिशा में पाजटिव है और रक्षामंत्री जी भी इसके लिए प्रयासरत हैं। जल्द ही कैंट बोर्ड के निवासियों को भी अंग्रेजों के काले कानून से निजात मिलेगी और जल्द ही कैंट बोर्ड के सदस्य के चुनाव भी शुरू होंगे।

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