जब तक उच्च न्यायपालिका में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की समुचित भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, न्यायपालिका में सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व का सवाल बना रहेगा

नई दिल्ली। अखिल भारतीय दलित, ओबीसी एवं माइनारटीज परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज को ज़मानत और उमर ख़ालिद को जेल! न्याय के इन फैसलों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जब तक उच्च न्यायपालिका में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की समुचित भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, न्यायपालिका में सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व का सवाल बना रहेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदितराज इन दिनों बौद्ध विरासत बचाओ अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांची में कुलपति पद के लिए जिन तीन नामों को चिन्हित किया गया है, उनकी योग्यता ऐसी प्रतीत होती है मानो वे बौद्ध दर्शन के संरक्षण और संवर्धन के बजाय उसके क्षरण का कारण बनें।
उन्होंने कहा कि सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय (Sanchi University of Buddhist-Indic Studies), मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में सांची के पास स्थित एक राज्य विश्वविद्यालय है। इसका मुख्य उद्देश्य बौद्ध दर्शन तथा भारतीय ज्ञान परंपराओं का अध्ययन, शिक्षण और शोध करना है। इस विश्वविद्यालय में बौद्ध दर्शन, भारतीय दर्शन, पाली एवं संस्कृत जैसी भाषाओं, योग, संस्कृति, धर्म और प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उदितराज ने कहा कि हमारी माँग है कि इस विश्वविद्यालय में किसी योग्य बौद्ध विद्वान को कुलपति नियुक्त किया जाए। इस अभियान से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करें।