अंतरराष्ट्रीय सेल्फ-केयर डे पर डीपीआरए (DPRA) का संदेश

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय सेल्फ-केयर डे (International Self-Care Day) के अवसर पर डीपीआरए (DPRA) संगठन की ओर से समाज को एक सकारात्मक और स्वास्थ्यवर्धक संदेश दिया गया।
इस खास मौके पर डीपीआरए (DPRA) के प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला अध्यक्ष (लखनऊ) राजीव कुमार ने कहा कि आज की व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को वक्त देना केवल एक जरूरत नहीं, बल्कि एक बेहद खूबसूरत आदत है।
इस अवसर पर डीपीआरए संगठन की सोच को साझा करते हुए राजीव कुमार ने कहा कि हम अक्सर अपनी दिनचर्या और सामाजिक/पेशेवर जिम्मेदारियों में इतने उलझ जाते हैं कि अपनी ही सेहत और मानसिक सुकून को पीछे छोड़ देते हैं।
डीपीआरए (DPRA) का मानना है कि एक स्वस्थ और सफल जीवन की शुरुआत खुद की सही देखभाल से ही होती है।
खुद की देखभाल सिर्फ बाहरी चमक तक सीमित नहीं : DPRA
इस विषय पर विस्तार से संगठन का दृष्टिकोण रखते हुए डीपीआरए प्रदेश प्रवक्ता राजीव कुमार ने कहा कि ”अक्सर लोग सोचते हैं कि सेल्फ-केयर का मतलब सिर्फ चेहरे की चमक बढ़ाना या कुछ देर मन की शांति पाना भर है। लेकिन वास्तव में, देखभाल का दायरा इससे कहीं ज्यादा बड़ा और गहरा है।”
राजीव कुमार ने डीपीआरए की ओर से कहा कि सेल्फ-केयर उन अनदेखे और अनछुए पहलुओं से भी गहराई से जुड़ी है, जिन्हें लोग अक्सर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में नजरअंदाज कर देते हैं—जैसे सही समय पर पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद, भावनात्मक संतुलन और काम के तनाव के बीच खुद को थोड़ा विश्राम देना।
अप्रत्यक्ष पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी
आगे जोर देते हुए जिला अध्यक्ष व प्रदेश प्रवक्ता राजीव कुमार ने कहा कि जब तक हम अपने मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के इन अनदेखे हिस्सों पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक हम पूरी तरह से ऊर्जावान नहीं रह सकते।
संदेश के अंत में डीपीआरए (DPRA) संगठन एवं राजीव कुमार ने लखनऊवासियों और आम जनमानस से अपील करते हुए कहा, “आज इस अंतरराष्ट्रीय सेल्फ-केयर डे के मौके पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम हर दिन थोड़ा समय सिर्फ और सिर्फ अपने लिए निकालेंगे, ताकि एक स्वस्थ, खुशहाल और सकारात्मक समाज का निर्माण हो सके।”
