उत्तर प्रदेश में दलितों का सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं राजनैतिक सशक्तिकरण हो रहा है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के पूर्व चेयरमैन और सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि योगी राज दलितों के विकास का स्वर्णिम काल है।
डा. निर्मल मुख्य अतिथि के रूप में उद्यान भवन के सभागार में आयोजित चिन्तन गोष्ठी में अपने ये विचार व्यक्त किये । डा. निर्मल ने कहा कि योगी राज में दलितों का सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं राजनैतिक सशक्तिकरण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार अब आउटसोर्स निगम के माध्यम से सफाई कर्मियों को ठेकेदारों के शोषण से मुक्त कर उनकी मासिक परिलब्धि 8 हजार से 16 हजार करने जा रही है।
बाबा साहब डा. आंबेडकर का चित्र सभी सरकारी कार्यालयों में लगवाने तथा डा. आंबेडकर सहित महर्षि वाल्मिकी के मूर्तियों के छतरी, बाउण्ड्रीवाल तथा सौन्दर्गीकरण के लिए 500 करोड़ की बजट व्यवस्था की गयी है।
स्टैन्डअप इन्डिया योजना तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से दलितों का आर्थिक सशक्तिकरण किया जा रहा है।डा. निर्मल ने कहा कि उ.प्र. से हाथ से मैला उठाने की प्रथा पूरी समाप्त होने के पीछे स्वच्छ भारत मिशन की घर-घर शौचालय योजना है।
डा. निर्मल ने कहा कि सीवर में डेथ पर भी आगामी समय में विराम लग जायेगा क्योंकि सीवर में डेथ पर 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा इसकी वसूली संबंधित व्यक्ति/संस्था से किए जाने के आदेश कर दिए गये हैं जो संस्था अथवा व्यक्ति जो किसी को बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतारेगा उससे वसूली की जाएगी ।
डा. निर्मल ने कहा कि विधान परिषद और राज्यसभा में भी आरक्षण न होने के बावजूद दलितों को मोदी-योगी सरकार स्थान दे रही है।
इसलिये यह काल दलितों के विकास का स्वर्णिम काल है। आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार संतोष वाल्मीकि ने की। इस अवसर पर अमेरिका के आए वैज्ञानिक बच्चू लाल वाल्मीकि, मुन्ना सिंह धानु, पी०एल० भारती, राहुल वाल्मीकि, चंदन लाल वाल्मीकि, पूनम मलिक, रचना चन्द्रा, प्यारे लाल वाल्मीकि, दिनेश लाल वाल्मीकि, नरेश वाल्मीकि आदि लोग उपस्थित रहे।
