भाजपा की अतिवादिता और सांप्रदायिकता के खिलाफ केवल और केवल सपा ही सड़क से लेकर संसद तक लड़ती दिख रही है
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं यूपी के पूर्व मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार देश को सांप्रदायिकता की आग में झोंकना चाहती है और इसके लिए यूपी और केन्द्र की भाजपा सरकार लगातार दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई कर रही है। 
उन्होंने कहा कि ऐसे मुश्किल हालात में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भाजपा सरकार के अन्याय व अत्याचार के खिलाफ मजबूती से संघर्ष कर रहे हैं।
उनका कहना है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव संविधान और आरक्षण बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
खुशी की बात यह है कि इस लड़ाई में पीडीए समाज पूरी तरह से अखिलेश जी और समाजवादी पार्टी के साथ है।
उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश की जनता ने मन बना लिया है कि अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा की अतिवादिता और सांप्रदायिकता के खिलाफ केवल और केवल सपा ही सडक़ से लेकर संसद तक लड़ती दिख रही है।
इस वजह से राज्य की जनता ने मन बना लिया है कि अगली बार यूपी में वह सपा की सरकार बनाएगी।
भाजपा के हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति से ऊब चुकी है यूपी की जनता : सलाहउद्दीन सिद्दीकी
राजेन्द्र चौधरी सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री सलाहउद्दीन सिद्दीकी के आवास पर ईद-उल-अजहा पर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने गये थे। इस मौके पर सपा नेता सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा के खिलाफ सपा को छोडक़र कोई भी दल संघर्ष करता नहीं दिख रहा है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव जी संविधान बचाने और आरक्षण बचाने की लड़ाई मजबूती से लड़ रहे हैं। जिसकी वजह से संविधान विरोधियों को काफी तकलीफ है। यही संविधान विरोधी ताकतें केन्द्र और यूपी की सत्ता में हैं। सपा नेता ने कहा कि पीडीए समाज मजबूती के साथ अखिलेश जी के नेतृत्व में एकजुट हो रहा है, इसके अलावा सवर्ण समाज भी महंगाई, भ्रष्टाचार और भाजपा के हिन्दू-मुस्लिम से आजिज आ गया है और वह इस बार परिवर्तन चाहता है। यूपी में अखिलेश जी के नेतृत्व में जनता परिवर्तन करके देश में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए बेकरार है।

अखिलेश जी के नेतृत्व में राज्य में सपा की सरकार बनाने को बेकरार है आमजन
सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा किभाजपा ने लोकसभा चुनाव में तो साफ कह दिया था कि चार सौ सीटें आ गयीं तो वे देश का संविधान बदल देंगे।
लेकिन अखिलेश जी के नेतृत्व में लड़ी गयी लड़ाई के कारण भाजपा को शिकस्त मिली और उनका विजय रथ यूपी में ही रुक गया।
केन्द्र में चार सौ पार लोकसभा सीटों का सपना देख रही भाजपा को सरकार बनाने के लिए दो बैशाखियों नीतीश कुमार और चन्द्रबाबू नायडू की पार्टी का सहारा लेना पड़ा।
सलाहउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेख जी का मकसद देश में 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में ही भाजपा के विजय रथ को रोकना है। ताकि भविष्य में भाजपा केन्द्र में सरकार बनाने का सपना भी न देख सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भी अखिलेश जी के नेतृत्व में राज्य में सपा की सरकार बनाकर भाजपा को रास्ता से बाहर करने के लिए परेशान नजर आ रही है।
