त्रासदी यह है कि जहां-तहां कुछ परीक्षार्थी प्रोटेस्ट करते हैं, बाकी सब राहुल गांधी जी पर छोड़ देते हैं
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि नीट पेपर लीक से लगभग 22 लाख प्रतियोगी प्रभावित हैं परंतु लडऩे के लिए तैयार नहीं हैं। पूर्व में भी पेपर लीक हुआ था, जिसका उचित समाधान नहीं हो सका। त्रासदी यह है कि जहां-तहां कुछ परीक्षार्थी प्रोटेस्ट करते हैं, बाकी सब राहुल गांधी जी पर छोड़ देते हैं। दुनिया में कोई कितना भी प्रभावशाली नेता हो, अगर जनता , जिसकी खुद की समस्या हो और संघर्ष न करे तो ऐसे लोगों के साथ न्याय होना मुश्किल है। 22 लाख में से 4 लाख भी प्रोटेस्ट कर दें, तो सरकार होश में आ जाए।
उदितराज ने कहा कि जो खुद संघर्ष नहीं करते उनका कल्याण कैसे हो सकता है? इनमें कुछ भाग्य पर भरोसा करने वाले होंगे, कुछ बीजेपी की ट्रोल आर्मी में लगे होंगे, ज्यादातर सोचते होंगे कि दूसरों का भला होगा तो उनका भी हो जाएगा और शेष मोबाइल से चिपके होंगे। युवा सडक़ पर न आएं तो कौन आएगा? और खुद के लिए न निकलें, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है? यही युवा अगर हिंदू-मुस्लिम का मामला हो, तो इनकी ऊर्जा और आक्रोश देखने लायक होगा। देश पाताल में जा रहा है और उठने की कोई आशा दिखाई नहीं पड़ रही है।
