बसपा का रुख पहले जैसा ही है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि महिला आरक्षण के समर्थन के मामले में पार्टी का स्टैंड 15 अप्रैल वाला ही है। इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। पार्टी की बैठकों में इस बारे में बताना है ताकि इस मुद्दे पर पार्टी के लोग गुमराह न हो सकें। उन्होंने आगाह किया कि पार्टी के अनुशासन के मुताबिक, इस मुद्दे पर कोई धरना-प्रदर्शन आदि नहीं करना है। मायावती ने पिछली मीटिंग में कहा था कि जहां तक महिला आरक्षण के लिए पिछली (सन् 2011) जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का सवाल है तो इस बारे में यही कहना है कि यदि इसे जिन भी कारणों से जल्दी लागू करना है तो फिर इसी जनगणना के आधार पर करना है और यदि वर्तमान में कांग्रेस पार्टी केन्द्र की सत्ता में होती तो फिर यह पार्टी भी बीजेपी की तरह ही यही कदम उठाती।
बसपा सुप्रीमो ने बुधवार को दिल्ली जाने से पहले सोशल मीडिया पर सभी जिलाध्यक्षों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के लिए जारी अपने संदेश में कहा कि बीती 31 मार्च को लखनऊ में हुई यूपी की प्रदेश स्तरीय बैठक में पार्टी संगठन तैयार करने, कैडर के जरिये पार्टी का जनाधार बढ़ाने, आर्थिक मजबूती देने तथा विधानसभा चुनाव की तैयारी से संबंधित जो दिशा-निर्देश दिए गए थे, उस पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अमल करते रहना है। खासकर बैठकों में यूपी में बसपा के नेतृत्व में रही सरकार में प्रदेश के विकास व जनहित आदि में किए कार्यों के बारे में जरूर बताना है। यह भी बताना है कि यूपी में अब तक जितने भी एक्सप्रेसवे तथा नोएडा में एयरपोर्ट बना है, उसकी योजना बसपा सरकार में ही बनी थी। ऐसे अनेकों और भी जनहित के कार्य किए गए थे। तमाम काम पूरे हो जाते यदि उस समय केंद्र की कांग्रेस सरकार बसपा के प्रति अपनी जातिवादी मानसिकता के चलते रुकावटें पैदा नहीं करती।