राजनीतिक लोकतंत्र तबतक नहीं टिक सकता जबतक उसका आधार सामाजिक लोकतंत्र न हो

कमल जयंत
लखनऊ। सामाजिक संस्था बहुजन भारत मुख्यालय पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर संस्था के सभी सदस्यों ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि हमें सिर्फ राजनीतिक लोकतंत्र से ही संतुष्ट नहीं हो जाना चाहिए बल्कि हमें अपने राजनीतिक लोकतंत्र को सामाजिक लोकतंत्र बनाना है।

संविधान नहीं होता तो वंचित समाज आज भी गुलामी की जिंदगी जी रहा होता
उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोकतंत्र तबतक नहीं टिक सकता जबतक कि उसका आधार सामाजिक लोकतंत्र न हो।बाबा साहब दूरदर्शी थे, वे जानते थे कि इस देश में शोषितों, वंचितों, दलितों को उनके अधिकार दिलाना संभव नहीं है, इसीलिए उन्होंने भारतीय संविधान में इन वर्गों के लिए इनके अधिकार सुरक्षित कर दिये। अब हमारी जिम्मेदारी है कि इन वर्गों के उत्थान के लिए हम इन्हें संविधान में प्रदत्त अधिकार कैसे दिलायें।
कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े, एवं अल्पसंख्यक, गरीब शोषित वंचित मजलूमों के समग्र विकास में भारतीय संविधान का क्या महत्व है, यह हमें समझना होगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने हमें संविधान दिया और उस संविधान में हमारे लिए सारे अधिकार सुरक्षित किये। उन्होंने कहा कि अगर संविधान नहीं होता तो वंचित समाज आज भी गुलामी की जिंदगी जी रहा होता। भारतीय संविधान ने बहुजनों को रास्ता दिखाया कि हमें किस व्यवस्था के अनुसार रहना हैं।
हमें सत्ता की मास्टर चाभी हासिल करनी होगी : चिंतामणि
इस मौके पर संस्था के महासचिव चिंतामणि ने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान में सभी को एक वोट का अधिकार दिया और बहुजन समाज के लोगों ने इसी वोट के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में एक बार नहीं बल्कि पांच बार सरकार बनी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि सत्ता वह मास्टर चाभी है, जिससे बहुजनों के विकास के सारे दरवाजे खुलते हैं। बहुजन नायक कांशीराम जी ने उनके इसी विचार को आत्मसात करके बहुजन समाज को एकजुट किया और इनकी एकता के बदौलत यूपी की सत्ता पर काबिज हुए।
संविधान विरोधी ताकतों को अपने वोट की ताकत से सत्ता में आने से रोकना होगा : कृष्ण कन्हैया पाल
संस्था के उपाध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल (एडवोकेट) ने कहा कि हमें भारतीय संविधान की रक्षा करनी होगी और संविधान विरोधी ताकतों को अपने वोट की ताकत से सत्ता में आने से रोकना होगा। इस मौके पर संयुक्त सचिव देवचन्द राम, जगदीश चौरसिया, जगदेव सिंह यादव, कोमल राम, नवल किशोर, रामकुमार गौतम, लाल बहादुर, राजकुमार दिवाकर, अवनी कुमार, डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, पीसी चौधरी, आरआर जैसवार (एडवोकेट) लोकपाल लखनऊ, अनिरुद्ध सिंह, सिद्धार्थ गौतम सनी, धनीराम, मान सिंह, लालचन्द ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
