लैंड पोर्ट अथारिटी ने एक छत के नीचे सुरक्षा व अभिसूचना तंत्र को किया मजबूत
कमल जयंत
लैंड पोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के यूपी के क्षेत्रीय प्रशासक सुधीर शर्मा का कहना है कि इस अथारिटी के गठन के बाद से भारत से लगी दूसरे देशों की सीमा पर होने वाली राष्टï्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगी है। इतना ही नहीं दूसरे देश के बार्डर से होने वाली तस्करी खासतौर पर नेपाल के जरिए हो रही मानव तस्करी पर प्रभावी रोक लगी है। उनका कहना है कि नेपाल बार्डर के जरिए बच्चों को भारत लाकर उनकी तस्करी बहुत चरम पर थी।

अबतक पन्द्रह देशों के बार्डर के दोनों तरफ बन चुका है लैंड पोर्ट अथारिटी का आफिस
उनका कहना है कि बच्चों को मजदूरी के लिए यहां बेचने के साथ ही इन बच्चों की अंग तस्करी भी होती थी। लेकिन लैंड पोर्ट अथारिटी के गठन और सीमा पर सख्ती के बाद मानव तस्करी का व्यवसाय थम गया है। इतना ही नहीं नेपाल बार्डर के जरिए दवाओं के इस्तेमाल में आने वाली जड़ी बूटियों की भी भारी मात्रा में तस्करी होती थी, इस पर भी विराम लगा है।
बार्डर एरिया में बने पोर्ट के आफिस में सशस्त्र सेना बल की दो कंपनियां तैनात हैं। साथ ही कस्टम विभाग और आईबी व रॉ के साथ खुफिया विभाग की टीमें भी तैनात हैं। जिसकी वजह से इस बार्डर के जरिए तमाम अवैध काम या देशद्रोही गतिविधियों पर विराम लगा है। इसके अलावा पाकिस्तान और चीन को छोडक़र बाकी देशों के नागरिक भारत-नेपाल बार्डर रुपईडिहा के पोर्ट के जरिए ही मानसरोवर यात्रा, ट्रैकिंग के लिए जाते हैं। इससे भारत सरकार को साल में करोड़ों रुपये की आय होती है।

बार्डर एरिया में बने पोर्ट के आफिस में सशस्त्र सेना बल की दो कंपनियां तैनात
लैंड पोर्ट अथारिटी के दूसरे देशों से लग रहे सीमा क्षेत्र में पन्द्रह जगह आफिस बनाये गये हैं। इनमें नेपाल, चीन, बर्मा, बांग्लादेश, भूटान आदि देशों के बार्डर पर दोनों तरफ लैंड पोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने अपने आफिस बनाये हैं। सुधीर शर्मा का कहना है कि पोर्ट अथारिटी बार्डर के दोनों तरफ आफिस बनाती है और वहां अपने अधिकारी तैनात करती है। ताकि दूसरे देश किसी भी तरह की कोई मनमानी न कर सकें और भारत विरोधी किसी भी अभियान में शामिल होने का साहस न जुटा सकें।
भारत सरकार अपने देश के अंदर सीमा में तो लैंड पोर्ट का आफिस बनाती ही है। साथ ही दूसरे देश की सीमा के अंदर भी अपना आफिस बनाकर वहां भी पूरा सुरक्षा, अभिसूचना तंत्र तैयार करती है। ताकि अपने देश के अंदर कोई दूसरे देश से आकर किसी भी तरह की असमाजिक गतिविधियों को अंजाम न दे सके, इसके लिए बार्डर पार करने वालों की सघन तलाशी होती है। इसके साथ ही दूसरी तरफ दूसरे देश में कहीं कोई भारत विरोधी गतिविधियां तो नहीं चल रहीं। हमारी सरकार इन्हीं आफिस और इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए नजर रखती है। केन्द्र सरकार ने लैंड पोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के जरिए अपने देश व दूसरे देश के बार्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करके वहां भी अपनी सुरक्षा तैनात कर रही है। सरकार एक छत के नीचे कई विभागों को एकत्र करके दूसरे देश की गतिविधियों पर नजर रख रही है और इस काम में हमारी सरकार को पूरी सफलता भी मिल रही है।
