रामविलास पासवान और बसपा प्रमुख मायावती ने किया था दलित आंदोलन का विरोध
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने 2 अप्रैल 2018 के दलित आंदोलन पर चर्चा के दौरान कहा कि इस दिन दलित संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया था। मैंने, बीजेपी का सांसद होते हुए, न केवल इसका समर्थन किया बल्कि इसका नेतृत्व भी किया। उसी समय रामविलास पासवान जी और मायावती जी ने भारत बंद का विरोध किया। ये सारे प्रमाण इंटरनेट पर मिल जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (एससी/एसटी एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अनुमति आवश्यक हो गई थी। दूसरा मुद्दा एससी/एसटी शिक्षक भर्ती में रोस्टर की गड़बड़ी का था।

दलितों और पिछड़ा वर्ग के लिए मैंने सत्ता से जितने सवाल किए, शायद ही किसी ने किए हों
उन्होंने कहा कि बीजेपी के संगठन महासचिव का फोन आया कि आप पार्टी में होते हुए भारत बंद का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने इस पर कड़ी नाराज़गी जाहिर की। मेरी तरफ से भी जवाब उतना ही स्पष्ट था। माहौल गर्म हो गया और उन्होंने फोन काट दिया। अगले दिन उनका फिर फोन आया और वे मुझे समझाने लगे कि ऐसा नहीं करना चाहिए। तब मुझे समझ में आ गया कि बात काफी आगे तक पहुंच चुकी है। मेरे मन में आया कि मैं इस्तीफा दे दूं लेकिन उससे कोई लाभ नहीं होता। मैंने सोचा कि संसद के मंच का उपयोग किया जाए और जितना संभव हो सके अपनी आवाज उठाई जाए। अब तो इंटरनेट का जमाना है और कोई भी जाकर देख और सुन सकता है कि मैंने सत्ता से जितने सवाल किए, शायद ही किसी ने किए हों। जरूरी नहीं कि इतिहास सबके साथ न्याय करे। अभी तक तो मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ है, और आगे क्या होगा, यह कहना मुश्किल है।