हिंदू-मुस्लिम का नैरेटिव एक बड़ा रोड़ा, जिससे युवा एकजुट नहीं
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि भारत का जेन जी क्यों नकारा है, जबकि नेपाल में युवाओं ने सत्ता पलट दी? पेपर लीक, महंगी शिक्षा, निजीकरण के कारण सरकारी नौकरियों का खत्म होना, प्रदर्शन करने पर दमन आदि के बावजूद युवा आंदोलन क्यों नहीं कर पा रहे हैं? सरकारी तंत्र भयंकर भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, लोग कराह रहे हैं लेकिन आवाज़ नहीं उठा पा रहे हैं।

मोबाइल अफीम का काम कर रहा है, कुछ लोग शब्दों से ही क्रांति करने का दावा कर रहे
उन्होंने कहा कि इसके कई कारण हो सकते हैं। हिंदू-मुसलमान का नैरेटिव एक बड़ा रोड़ा है, जिससे युवा एकजुट नहीं हो पा रहे हैं। भाजपा के आईटी सेल द्वारा लगातार भ्रामक और गलत सूचनाएं फैलाना भी एक बड़ी वजह माना जाता है। मोबाइल अफीम का काम कर रहा है और लोग घंटों उसमें चिपके रहते हैं। जिनमें कुछ आक्रोश और ऊर्जा है भी वे उसे मोबाइल पर ही उड़ेल देते हैं।
प्रदर्शन करने पर दमन के बाद भी युवा आंदोलन नहीं कर रहे
कुछ लोग शब्दों से ही क्रांति कर देने का दावा करते हैं और जेन उसी में अपने आप को खोजने लगती है। सरकार ने पाखंड को इतना बढ़ावा दे दिया है कि लोग भाग्यवाद में विश्वास करने लगे हैं। मीडिया के प्रोपेगंडा के कारण देश की प्रमुख समस्याओं से लोगों का ध्यान भटका दिया जाता है। भारत का लोकतंत्र पुराना है और नौजवानों ने पहले बड़ी-बड़ी लड़ाइयाँ लड़ी हैं लेकिन वर्तमान समय में उनकी भूमिका काफी चिंताजनक दिखाई देती है।