हिन्दू राष्ट्र बनाने वाले अब हिंदुओं के ही खिलाफ क्यों खड़े हो गए
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज, आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि हिन्दू राष्ट्र बनाने वाले अब हिंदुओं के ही खिलाफ क्यों खड़े हो गए? क्या दलित, ओबीसी और आदिवासी हिंदू नहीं हैं, या ये केवल वोट देते वक्त ही हिंदू रहते हैं। उच्च शिक्षा में समानता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए इक्विटी नियम 15 जनवरी 26 से लागू हो गया है। इस नियम का मकसद उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के साथ जातिगत भेदभाव को रोकना और सभी छात्रों को बराबरी के अवसर देना है। खास बात यह है कि अब ओबीसी भी इस परिभाषा में शामिल हो गया है।

डॉ. उदितराज ने कहा कि जो भी कॉलेज या विश्वविद्यालय इन नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें संस्थान को यूजीसी की योजनाओं से बाहर करना, कोर्स बंद करना, ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन पर रोक लगाना और संस्थान की मान्यता रद्द करना शामिल है। इस नियम को लाने का मुख्य कारण है यूजीसी द्वारा संसदीय समिति और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों से पता चलता है कि पूरे देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव की शिकायतों में पिछले पांच वर्षों में 118.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
यूजीसी के ड्राफ्ट रेगुलेशंस (जैसे ओबीसी गाइडलाइंस) की समीक्षा करने वाली संसद की शिक्षा, महिला, बाल और युवा संबंधी मामलों की समिति के चेयरमैन कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह थे। इस समिति ने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
यूजीसी रेगुलेशन का विरोध करने के लिए दलितों के खिलाफ सवर्णों ने बनाया एस-4
उन्होंने कहा कि करणी सेना, ब्राह्मण महासभा, कायस्थ महासभा और वैश्य संगठनों ने मिलकर ‘सवर्ण समाज समन्वय समिति’ (एस-4) का गठन किया है ताकि एक बड़े संगठन के बैनर तले इस रेगुलेशन के विरोध में बड़ा आंदोलन किया जा सके। क्यों भाई दलित, पिछड़े और आदिवासी वोट लेने और मुस्लिम- ईसाई से लडऩे के समय ही हिंदू हैं? जब अधिकार और सम्मान की बात आए तो विरोध में आप ही लोग आते हैं न कि मुस्लिम या ईसाई। कितने दिनों तक मूर्ख बनाओगे? बहुत दिन अब नहीं चलेगा। मंडल का भी विरोध आप लोगों ने ही किया था।