क्या हम लोकतंत्र में रह रहे हैं या अराजकता के दौर में

यही स्थिति रही तो देश फिर से गुलाम होगा और टुकड़ों में भी बंट जाएगा
लखनऊ। दलित, ओबीसी, माइनारिटीज एवं आदिवासी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदितराज ने कहा कि गाजियाबाद में घर घर तलवार और फरसा बांटा जा रहा है। उदितराज ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि ये किसके खिलाफ लड़ेंगे? पाकिस्तान जो आतंकवाद को पोषित कर रहा है या बांग्लादेश में जहां हिंदुओं पर हमला हो रहा है।
ऐसे ही तत्वों ने दलितों- पिछड़ों का उत्पीड़ऩ करके उन्हें अलग कर दिया था, ऐसे में देश के लिए कौन लड़ता
हो सकता है सीएम योगी उत्तर प्रदेश का शासन और प्रशासन न चला पा रहे हों और इनको बागडोर देने की सोच रहे हों। देश को गुलाम बनाने वाले चंद हजार काफी थे और यही मानसिकता कारण थी। अपने ही दलितों- पिछड़ों के खिलाफ षड्यंत्र, भेदभाव और उत्पीड़ऩ से उन्हें अलग कर दिया था तो कौन लड़ता और इस तरह से देश आराम से युद्ध हार जाया करता था। ट्रम्प के एक डांट से इनके आका की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई।
चीन ने अरुणचल और लद्दाख में जमीन कब्जा कर ली, क्या इनकी हिम्मत है उनसे लड़ने की
चीन ने अरुणचल और लद्दाख में जमीन कब्जा कर लिया है क्या इनकी हिम्मत है उनसे लड़ने की? यही स्थिति रही तो देश फिर से गुलाम होगा और टुकड़ों में भी बंट जाएगा। आश्चर्य है क्या हम लोकतंत्र में रह रहे हैं या अराजकता के दौर में। क्या इनसे बड़ा दुश्मन कोई हो सकता है जो संविधान और लोकतंत्र की जड़े खोद रहा हो। याद रखना अगर यही चलता रहा तो कोई ऐसा होने से रोक नहीं सकता।