बहुजन भारत की गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा जिस समाज की सरकार होती है उसे नहीं सहना पड़ता अपमान

वाराणसी। सामाजिक संस्था बहुजन भारत के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि बहुजन समाज के लोगों को संविधान विरोधी ताकतों और इन ताकतों का साथ दे रहे दलों का भी खुलकर विरोध करना होगा, तभी हम संविधान और आरक्षण विरोधी ताकतों को शिकस्त दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान में सभी को एक वोट का अधिकार दिया। देश में दलित, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज ये सभी गैरबराबरी की व्यवस्था का शिकार रहे हैं और संविधान खत्म होने से इनके ही अधिकार खत्म होंगे। कांशीराम जी हमेशा कहते थे कि जिस समाज की सरकार होती है, उस समाज को किसी भी तरह का कोई अपमान नहीं सहना पड़ता है। मौजूदा परिवेश में बहुजन समाज के लोगों की जिम्मेदारी है कि वे संविधान विरोधी ताकतों से सावधान रहें और संविधान और आरक्षण की रक्षा करने वालों के साथ रहें।
कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि भारतीय संविधान के जरिए ही बहुजन समाज के लोग अपने सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक अधिकार हासिल कर सकते हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश इनदिनों संविधान पर सबसे ज्यादा चोट की जा रही है। संविधान विरोधी ताकतें जिन्हें यह बात अच्छी तरह से मालूम है कि संविधान के वजूद में रहते वे दलितों को फिर से गुलाम नहीं बना पाएंगे, इसलिए ये ताकतें देश आजाद होने से पहले भारत में जो सामाजिक स्थिति थी उसे फिर से बहाल करने के लिए एक बार फिर से देश में गैरबराबरी के आधार पर सामाजिक व्यवस्था को स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन यह भारतीय संविधान के रहते संभव नहीं है।

दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यक समाज के सारे अधिकार संविधान से ही सुरक्षित : चिंतामणि
इस मौके पर संस्था के महासचिव चिंतामणि ने कहा कि संविधान बचाने की जिम्मेदारी दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यक समाज की है। इन वर्गों के सारे अधिकार संविधान से ही सुरक्षित हैं, अगर संविधान नहीं रहा तो हमें हमारे अधिकार भी मिलने बंद हो जाएंगे। इसलिए जरूरी है कि हमें संविधान विरोधी ताकतों का विरोध करने के साथ ही इनका सहयोग कर रहे दलों से भी सावधान रहने की जरूरत है।
पीडीए का मकसद भी वंचित समाज को उनके अधिकार दिलाना : अनिरुद्ध सिंह
गोष्ठी को संबोधित करते हुए अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समाज को एक बार फिर एकजुट होकर गैरबराबरी का समाज स्थापित करने वाली ताकतों के खिलाफ लड़ाई लडऩी होगी। उन्होंने कहा कि पीडीए का मकसद भी वंचित समाज को उनके अधिकार दिलाना है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि 2024 में पीडीए ने एकजुट होकर संविधान विरोधी ताकतों का विरोध करके इन्हें केन्द्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने से रोक दिया। वोट हमारा ज्यादा है, इसलिए अब वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलने वाला है। गोष्ठी को संस्था के संयुक्त सचिव देवचन्द राम, डॉ. मनोहर राम, डॉ. विनोद कुमार, प्रोफेसर अनिल चौधरी, झूरीराम, संजय कुमार गोंड, संजय प्रकाश, सुरेन्द्र कुमार एडवोकेट, अरुण कुमार प्रेमी, सुरेश यादव, भैयालाल, आरडी राम, सतीश चन्द्र, श्रीमती पुष्पलता, राधेश्याम यादव, रामबाबू दरोगा, धनीराम ने संबोधित किया।