झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे लोग अपने डॉक्यूमेंट ठीक कराने में जुटे
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें डिटेंशन सेंटर में डालने के निर्देश देने के बाद पूरे प्रदेश में हडक़ंप मचा हुआ है। खासतौर पर झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे लाखों लोग अपने कागजात ठीक कराने में लगे हैं, ताकि वे उन डॉक्यूमेंट के आधार पर अपना एसआईैआर करा सकें। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने मडिय़ांव स्थित शंकरपुरवा बस्ती में जाकर वहां के निवासियों के कागजात चेक किये और पन्द्रह दिन में अपने वैध कागजात दिखाने को कहा, इसके बाद से मलिन और दलित बस्तियों के साथ ही मुस्लिम बस्तियों में रह रहे लोगों में खुद के घुसपैठिये होने का डर सताने लगा है। उन्हें लग रहा है कि यदि उन्होंने यहां का मूल निवासी होने के कागजात न दिये तो संभव है उन्हें देश निकाला दे दिया जाए।


वे टू सक्सेज फाउंडेशन ने डीएम से की मुलाकात, बसंतकुंज में रह रहे लोगों का एसआईआर कराने का किया आग्रह
इस बीच अकबरनगर इलाके से विस्थापित हुए दस हजार लोग जिन्हें योगी सरकार ने बसंतकुंज योजना के तहत आवास देकर बसाया है, वे भी परेशान हैं, क्योंकि उनके आधार कार्ड व मूल कागजात में अकबरनगर का पता लिखा है और अकबरनगर अब लखनऊ जिले के नक्शे में नहीं है। यही वजह है कि उन्हें अपना एसआईआर कराने में भी दिक्कत आ रही है। वे टू सक्सेज फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष मो. शफीक सलमानी ने बंसतकुंज क्षेत्र के लोगों का एसआईआर कराने के संबंध में जिलाधिकारी लखनऊ बिशाख जी से मुलाकात की और उन्हें बसंतकुज में रह रहे निवासियों की समस्या से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने जल्द ही कैंप लगवाकर क्षेत्र के लोगों का एसआईआर कराने का भरोसा दिया। शफीक सलमानी ने बताया कि उम्मीद है अगले हफ्ते तक बसंतकुंज निवासियों के लिए क्षेत्र में कैंप लगेगा और सभी का एसआईआर होगा।