सपा प्रमुख ने सीएम रहते सबसे ज्यादा दलितों का नुकसान और बाबा साहब का अपमान किया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश दैवीय आपदा प्रबंधन समिति के सभापति एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव शुरू से ही आरक्षण और दलितों के मसीहा बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विरोधी हैं। सपा के शासनकाल में मुख्यमंत्री रहते अखिलेश यादव ने दलित कर्मचारियों के प्रोन्नति में आरक्षण खत्म किया। चाहते तो वह दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के लिए प्रोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू कर सकते थे। अखिलेश ने अपने शासनकाल में दो लाख दलित कर्मियों को डिमोट करके उन्हें अपमानित किया, उस समय उन्हें न तो अंबेडकर की और न ही दलितों का हित और सम्मान याद आया। दलितों का आरक्षण भी भारतीय संविधान में प्रदत्त अधिकार के तहत ही दलितों को मिल रहा था। ऐसा करके क्या उन्होंने संविधान और बाबा साहब का अपमान नहीं किया। डॉ. निर्मल ने कहा कि आज वे भाजपा पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले उन्हें खुद अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अखिलेश ने अपने शासनकाल में बाबा साहब के नाम को मिटाने का प्रयास किया, वहीं योगी जी बाबा साहब का मान बढ़ाने के लिए लखनऊ में डॉ. अंबेडकर का भव्य स्मारक बनवा रहे हैं। दलितों को ऐसे दलित व संविधान और अंबेडकर विरोधी नेताओं से सावधान रहने की जरूरत है। डॉ.निर्मल ने कहां कि सपा दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग की भी विरोधी है। सपा सांसद ने ही लोकसभा में दलित कर्मचारियों के प्रोन्नति में आरक्षण के बिल को फाड़ा। इतना ही नहीं सपा के कई नेता बाबा साहब के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर अपमानजनक बात करते रहे, अब दलितों का वोट पाने की खातिर वह आरक्षण और अम्बेडकर की बात करने लगे हैं। डॉ. निर्मल ने कहा कि जब राज्य की योगी सरकार प्रदेश से जातिवाद खत्म करने के लिए कृतसंकल्पित है तो ऐसे में अखिलेश जी को दलितों के साथ ही पिछड़ा वर्ग को जोडऩे और उनके अधिकारों की बात याद आ रही है। वंचित समाज के लोग अब समझ चुके हैं कि उनकी भलाई किसके साथ रहने में है और अब वे दोबारा सपा नेताओं के बहकावे में आने वाले नहीं हैं।
पाठ्यक्रमों में शामिल हो संविधान की उद्देशिका, डॉ. निर्मल ने सीएम योगी से मिलकर किया आग्रह
डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ.लालजी प्रसाद निर्मल ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के निर्वाण दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्हें संविधान की प्रति भेंट की। साथ ही मुख्यमंत्री जी से यह भी आग्रह किया कि सरकारी पाठ्यक्रमों में संविधान की उद्देशिका, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्य,नीति निर्देशक तत्व ,संघीय ढांचा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता आदि महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाए। ताकि युवा पीढ़ी स्वतंत्रता, समानता, न्याय जैसी मूलभूत मूल्यों को स्कूली शिक्षा में प्राप्त कर सके।