वर्टिगो आने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क जरूरी : डॉ. हिमांशु कृष्ण

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वर्टिगो और चक्कर आने में होता है जमीन-आसमान का अंतर

लखनऊ। हेल्थ सिटी गोमतीनगर विस्तार के चीफ न्यूरो सर्जन डॉ. हिमांशु कृष्ण का कहना है कि चक्कर एक सामान्य शब्द है, लेकिन वर्टिगो चक्कर का एक खास प्रकार होता है। वर्टिगो में व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि कमरा, ज़मीन या खुद उसका शरीर घूम रहा है, जबकि असल में कुछ भी नहीं घूम रहा होता। चक्कर आना तो सामान्य बात है, लेकिन वर्टिगो एक गंभीर बीमारी वर्टिगो में में व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे सबकुछ घूम रहा है? सामान्य चक्कर- हल्कापन, सिर घूमना, कमजोरी जैसा एहसास होता है।

 

डॉ. हिमांशु कृष्ण ( 9450000041)

वर्टिगो में में व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे सबकुछ घूम रहा है?

वर्टिगो- तेज़ घूमने का अहसास, बैलेंस बिगडऩा, गिरने का डर
वर्टिगो के आम लक्षण
सब कुछ घूमता हुआ लगना
चलने में लडख़ड़ाहट
मतली या उल्टी
पसीना आना
कभी-कभी कान में आवाज़ या भारीपन
वर्टिगो क्यों होता है? (मुख्य कारण)

1. कान से जुड़ा वर्टिगो (सबसे आम)
बीपीपीवी – कान के अंदर छोटे कैल्शियम कण गलत जगह चले जाते हैं
अचानक सिर घुमाने या करवट बदलने पर चक्कर

 

2.कान का इंफेक्शन
अंदरूनी कान में सूजन
बैलेंस सिस्टम प्रभावित होता है

3. गर्दन की समस्या
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस
गलत पोश्चर, लंबे समय तक मोबाइल/लैपटॉप

4. लो बीपी/ डिहाइड्रेशन
अचानक खड़े होने पर चक्कर

5. माइग्रेन से जुड़ा वर्टिगो
सिरदर्द के साथ या बिना भी हो सकता है
वर्टिगो का इलाज कैसे होता है?

दवाइयां : मतली और चक्कर कम करने की दवाएं, कारण के अनुसार दवा (डॉक्टर तय करते हैं), फिजियो / पोजि़शनल एक्सरसाइज़ करें ।

डॉ. हिमांशु कृष्ण ( 9450000041) की सलाह 

लाइफस्टाइल सुधार लायें – अचानक सिर न घुमाएं, पर्याप्त पानी पिएं, नींद पूरी लें,  स्क्रीन टाइम कम करें।
वर्टिगो में क्या न करें?
अचानक उठना या झुकना, तेज़ गाड़ी चलाना, ऊंचाई पर काम न करें, खुद से दवा न लें।
तुरंत डॉक्टर से मिलें अगर: चक्कर के साथ बोलने में दिक्कत, हाथ-पैर में कमजोरी, डबल दिखाई देना और बार-बार बेहोशी आने लगे ।
(ये गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है)।

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