​दिल के कागज़ पे कोई आज कहानी लिखूँ, या कि आँखों में रुकी दर्द की पानी लिखूँ : राजीव कुमार

​फैसला हो न सका आज भी कलम से मेरी, हाल-ए-दिल अपना लिखूँ या तेरी मेहरबानी लिखूँ…