02 नवम्बर को प्रत्येक जनपद में धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जायेगा

लखनऊ। पेंशनर दुखी हैं. संत महात्मा की सरकार में उसे उम्मीद नहीं थी कि उसे इस उम्र मंे जब छड़ी डंडे के सहारे चलेगा तब उसे इलाज मंे खर्च के पैसे के खातिर साइबर कैफे में भटकना पड़ेगा। सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरनाथ यादव एवं महामंत्री ओ.पी. त्रिपाठी ने वृद्ध पेंशनरांे के उक्त दशा को व्यक्त करते हुए बताया कि पेंशनरों के इलाज के व्यय बिल ऑफलाइन लेने से चिकित्सा विभाग द्वारा मना कर दिया गया है. और नोटिस चस्पा कर दिया है जिसके कारण तमाम पेंशनरांे का इलाज धनाभाव में बंद हो गया है।
तमाम बिल कालातीत होते जा रहे हैं. पेंशनर सलाहकार समिति की बैठक मंे अपर मुख्य सचिव वित्त का आश्वासन था कि पेंशनरों के लिए ऑफलाइन जमा करने पर विचार करेंगे. जरुरत पड़ी तो फिर मीटिंग बुलाएंगे किन्तु अभी तक कोई कार्यवाही न होने से पेंशनर दुखी हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पेंशनर से पूर्व की भांति चिकित्सा बिल कार्यालयध्यक्ष के यहां ऑफलाइन जमा करने का निर्देश देने की कृपा करें. और सरकार चाहे तो इसके आगे की कार्यवाही ऑनलाइन करे. बुजुर्गो को तंग न किया जाय।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष बी.एल. कुशवाहा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह एवं राष्ट्रीय सचिव एस.के. मिश्रा ने बताया की यदि सरकार हम वरिष्ठ नागरिकों की आवाज नहीं सुनेगी तो पेंशनरों द्वारा आगामी 2 नवम्बर को प्रत्येक जिले में धरना प्रदर्शन आमसभा कर अपनी ब्यथा को बतायेंगे और डीएम के माध्यम से मा. मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन भेजा जायेगा। संगठन ने तत्काल ध्यान देने का मुख्यमंत्री से आग्रह किया है। लखनऊ में यह कार्यक्रम बी.एन. सिंह प्रतिमा, सरोजनी नायडू पार्क, लखनऊ में पूर्वान्ह 11 बजे से सम्पन्न होगा।