बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू हेमंत के भ्रष्टाचार की हो जांच

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स्थानीय नागरिक ने सीडीओ कानपुर देहात को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की

कानपुर देहात। सीधामऊ जैनपुर कानपुर देहात के सुभाष चन्द्र ने जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में तैनात बाबू हेमंत कुमार के भ्रष्टाचार की शिकायत जिले की मुख्य विकास अधिकारी से की है। सीडीओ कानपुर देहात को भेजे पत्र में सुभाष ने लिखा है कि बाबू के भ्रष्टाचार से संबंधित सारी कागजात बीएसए आफिस को उपलब्ध करा दिये गये हैं। बावजूद इसके भ्रष्टाचार में पूरी तरह संलिप्त इस बाबू के खिलाफ अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। पत्र में यह भी लिखा है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय कानपुर देहात में बीएसए का चहेते लिपिक हेमन्त कुमार को बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कई पटल आवंटित कर रखे हैं।

लिपिक हेमंत कुमार वर्तमान में सहायता प्राप्ता विद्यालयों के समस्त कार्य एवं प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों की मान्यता के पटल के साथ ही 68500 नियुक्तियां एवं टीसी प्रमाण पत्र प्रति हस्ताक्षरित करने संबंधी कई कार्य आवंटित है। उक्त लिपिक सहायता प्राप्त विद्यालयों में हस्ताक्षर प्रमाणित कराने के नाम पर 25 हजार रुपये विद्यालय प्रबंधकों से वसूलते हैं। जबकि पूर्व में हस्तताक्षर प्रमाणित करने के नाम पर वसूली करते ही कार्यालय के लिपिक जसीम अहमद फारुकी को एंटी करप्शन टीम द्वारा घूस लेते गिरप्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही उक्त लिपिक द्वारा यूडायस कोड जारी कराने के नाम पर 15 से 20 हजार रुपये वसूले जाते है। वहीं 68500 भती प्रतियों में आये शिक्षकों के मूल अभिलेख वापस करने के नाम पर दो-दो हजार रुपये लिये जाते हंै तथा मान्यता में प्राथमिक स्तर की मान्यता से सम्बंधित प्रकरणों में इनके द्वारा मान्यता कराने के नाम पर एक लाख से लेककर 01 लाख 50 हजार एवं प्राभूत कोष का प्रमाण पत्र जमा करने के नाम पर 5 हजार रुपये, की वसूली की जा रही है।

साथ ही मानक विहीन विद्यालयों की मान्यतायें अफसरों को गुमराह कर करायी जा रही हंै। जिसकी जांच कराये जाने से सारा सच सामने आ जायेगा। इसके साथ जूनियर विद्यालयों की मान्यता पत्रावलियों को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल कानपुर को अग्रसारित करने के नाम पर 50 हजार से 70 हजार रुपये की उगाही की जा रही है। घूस न दिये जाने पर उन्हें विभिन्न कमियां दिखाकर पत्रावली लंबित रखी जाती है और उन्हें परेशान किया जाता है।

इसके साथ ही सहायता प्राप्त / एवं परिषदीय विद्यालयों की टीसी प्रति हस्ताक्षरित कराने के के नाम पर 02 हजार से 05 हजार रुपये लिये जा रहे हैं। जिससे शिक्षक समुदाय एवं अभिभावकगण परेशान हैं। वहीं विभिन्न विकास खंडों में धन लेकर करीब दो दर्जन से अधिक विद्यालयों का संचालन कराया जा रहा हैं। सीडीओ को भेजे गये पत्र में यह भी कहा गया है कि शासनादेशों के विपरीत कार्य कर सरकार की जीरो टालरेंस की नीति को पलीता कर सरकार की स्वच्छ छवि को धूमिल करने वाले उक्त भ्रष्ट लिपिक हेमंत कुमार को जनहित में तत्काल प्रभाव से महत्वपूर्ण पटलों से हटाते हुये उच्च स्तरीय जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाए।

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