अखिलेश जी अल्पसंख्यक संस्थानों में दलितों को आरक्षण देने की बात क्यों नहीं करते
लखनऊ। यूपी दैवीय आपदा एवं जांच प्रबंधन समिति के चेयरमैन व सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी निर्मल ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव का मुस्लिम प्रेम और दलित विरोध धीरे-धीरे जगजाहिर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए अखिलेश यादव ने यूपी में दलितों के आरक्षण और दलित निवारण अत्याचार अधिनियम को निष्प्रभावी किया और प्रोमोशन में आरक्षण को खत्म करके हजारों दलित वर्ग के कार्मिकों को डिमोट कर दिया, जिसका अपमान इस वर्ग के अधिकारी व कर्मचारी अब भी सहन कर रहे हैं।

डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश जी को तो अल्पसंख्यक संस्थाओं में भी दलित व पिछड़े वर्ग के आरक्षण की मांग करनी चाहिए, लेकिन इसके ठीक उलट वह मुस्लिमों के आरक्षण की मांग कर रहे हैं। वे इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि मुस्लिमों को आरक्षण देने की उनकी मांग संविधान विरोधी है और इसे सुप्रीम कोर्ट ने भी अवैधानिक करार दिया है। बावजूद इसके वह मुस्लिमों के आरक्षण की मांग को लगातार दोहरा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक संस्थाओं जिनमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय भी शामिल है, यह विश्वविद्यालय भी केन्द्र सरकार के नियमों और शर्तों के साथ ही उनके अनुदान से अच्छादित है। ऐसे में इस विश्वविद्यालय में दलितों के लिए आरक्षण न होना, केन्द्र सरकार की नीतियों व संविधान विरोधी है। उनका कहना है कि वे अल्पसंख्यक संस्थाओं में दलितों के लिए आरक्षण की मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं अब समय आ गया है कि इन संस्थाओं में भी दलितों व पिछड़ों को आरक्षण का लाभ मिले।