एआईएमआईएम ने दी केजीएमयू प्रशासन को चेतावनी
लखनऊ। ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन अध्यक्ष उत्तर प्रदेश सेंट्रल शेख़ ताहिर सिद्दीकी ने कहा कि केजीएमयू परिसर में स्थित मजारात को अवैध बताकर गलत सूचना के आधार पर भ्रामक व असत्य तथ्यों पर आधारित मजारात पर नोटिस चस्पा की गई है। केजीएमयू द्वारा दी गई नोटिस में कहा गया है कि 15 दिवस में दरगाह को हटा दें जो कि विधि विरुद्ध निर्देश दिया गया है। सिद्दीकी ने कहा सभी मजारात दरगाहे अंग्रेजी शासन काल के पहले से ही स्थापित थी कभी भी परिसर में स्थित दरगाहों को अवैध नहीं कहा गया।

सभी दरगाहें व मजारात आजादी के पहले के और वैध
केजीएमयू के स्थापना एवं बनने से पहले से ही सभी दरगाहें मौजूद थीं उस समय मौजूद मजारात दरगाह को केजीएमयू बनते समय इसलिए छोड़ दिया गया था क्योंकि दरगाहें प्राचीन काल की सैकड़ों साल पुरानी एवं वैध थीं। अब नोटिस देना बिल्कुल गैरकानूनी है मजारात पर मुस्लिम-हिंदू व अन्य धर्म के लोग अपनी अकीदत रखते हैं। अपनी धार्मिक रीति रिवाज क्रियाकलाप करते रहते हैं। मजारात सैकड़ो वर्षों पुरानी हैं । जिनकी देखरेख आदि धार्मिक प्रथा के अनुसार स्थानीय लोगों द्वारा किया जाता रहा है जो कि संवैधानिक अधिकार रहा है।
सिद्दीकी ने कहा कि जैसा कि भारतीय संविधान की अनुच्छेद 25 में प्रावधानित है हमारे भारतवर्ष में अनेक लोक संस्थानों में धार्मिक संस्थाएं पूजा स्थल स्थापित हैं जिनसे कभी भी आम जनमानस को कोई भी आपत्ति नहीं रही न ही किसी के द्वारा कोई शांति व्यवस्था भंग किए जाने की शिकायत रही।

केजीएमयू द्वारा लगाई गई नोटिस का कोई भी कानूनी अस्तित्व नहीं है। चस्पा की गई नोटिस का कोई भी विधिक अस्तित्व नहीं है। उक्त नोटिस उपासना स्थल अधिनियम 1991 के प्राविधानों के विपरीत है जैसा कि अधिनियम की धारा 4(1) में यह प्राविधानित किया गया है कि 15 अगस्त 1947 की विद्यमान किसी पूजा स्थल धार्मिक स्ट्रक्चर का धार्मिक स्वरूप उस दिन के स्वरूप सामान बना रहेगा। इसलिए केजीएमयू द्वारा दी गई नोटिस संविधान एवं कानून विरुद्ध है नोटिस चस्पा करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया है जबकि मजारात आपसी सौहार्द प्रेम भाईचारे एकता का प्रतीक है !
सिद्दीकी ने कहा कि किसी भी तरह से मजारात को अवैध बताकर तोडऩे का प्रयास किया गया तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्राप्त अधिकारों के हिसाब से एआईएमआईएम आंदोलन करने पर मजबूर होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी केजीएमयू प्रशासन एवं शासन की होगी ।
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश सेंट्रल संगठन मंत्री सैय्यद रूबील संयोजक नईमुद्दीन सिद्दीकी सचिव डॉक्टर रिजवान जिला अध्यक्ष लखनऊ सलमान मंसूरी वरिष्ठ नेता हाशिम सिद्दीकी आदि लोग मौजूद रहे!