असपा की संविधान बचाओ रैली 26 को
कमल जयंत
लखनऊ। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश प्रवक्ता देव प्रताप सिंह का कहना है कि देश में जो मौजूदा हालात हैं,उसमें सबसे ज्यादा खतरा भारतीय संविधान पर ही है। देश की मौजूदा सरकार में शामिल मुख्य सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी भारतीय संविधान को बदलकर यहां मनु का कानून लागू करना चाहती है।

इसके पीछे भाजपा का मकसद दलितों को एक बार फिर से गुलाम बनाना है और साथ ही देश में गैरबराबरी के आधार पर स्थापित मनुवादी व्यवस्था को लागू करना है।यही वजह है कि भाजपा का जोर देश में चार सौ लोकसभा सीट हासिल करने का है। लेकिन हमारी पार्टी बहुजनों में खासतौर पर दलितों व पिछड़ों के बीच जन अभियान चलाकर उन्हें यह बताएगी कि भारतीय संविधान में ही दलितों और पिछड़ा वर्ग के साथ ही अल्पसंख्यक समाज के हित और अधिकार सुरक्षित हैं। इन दिनों बहुजन समाज के लोग संविधान में प्रदत्त अधिकार की मांग करने लगे हैं और इनमें संविधान को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है। यही वजह है कि केन्द्र की भाजपा सरकार संविधान खत्म करने की रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है।
मुजफ्फरनगर में आयोजित इस रैली में जुटेंगे पश्चिमी के कार्यकर्ता
उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का गठन ही संविधान विरोधी ताकतों का विरोध करने और दलितों-पिछड़ा वर्ग के साथ ही अल्पसंख्यक समाज को उनके अधिकार दिलाने के लिए हुआ है। उनका कहना है कि यह पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर आजाद के आंदोलन और संघर्ष से वजूद में आयी है। हमारी पार्टी का मकसद भी वंचित समाज को संविधान में प्रदत्त उनके अधिकार दिलाना है। फिर चाहे बात सरकारी नौकरियों में आरक्षण की हो या इस वर्ग के साथ हो रहे अन्याय अत्याचार की।
मुजफ्फरनगर में आयोजित इस रैली में जुटेंगे पश्चिमी के कार्यकर्ता
हमारी पार्टी बहुजनों पर अन्याय के खिलाफ हमेशा संसद से लेकर सडक़ तक आंदोलन करती रही है और करती रहेगी। उन्होंने बताया कि मुजफ्फर नगर में 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर आयोजित रैली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से भारी तादाद में लोग एकत्र होंगे। संविधान दिवस पर आयोजित रैली की सफलता यह तय कर देगी कि यूपी में दलितों, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समाज की लड़ाई कौन लड़ रहा है।