शोधार्थी दलित छात्र का निष्कासन तत्काल खत्म करें कुलपति : चन्द्रशेखर

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आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की

लखनऊ। आजाद समाज पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चन्द्रशेखर आजाद ने लखनऊ स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में दलित छात्रों के उत्पीडऩ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक स्थिति है कि बाबा साहब के नाम से बने केन्द्रीय विश्वविद्यालय में भी दलित छात्रों का उत्पीडऩ हो रहा है और विश्वविद्यालय प्रशासन मौन है।

इस उत्पीडऩ के खिलाफ विश्वविद्यालय परिसर में दलित छात्र-छात्राएं पिछले छह दिन से धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि एक दलित शोधार्थी पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मनगढ़ंत एवं फर्जी अनुशासनहीनता के आरोप लगाये और उसके आधार पर उसकोअन्यायपूर्ण तरीके से निष्कासित कर दिया गया। लेकिन इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन और संघी मानसिकता से संचालित कुलपति की चुप्पी चिंता का विषय है।

बीबीएयू में भी दलित छात्र का उत्पीडऩ चिंता का विषय

ऐसी चुप्पी न केवल अनैतिक है, बल्कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। उनका कहना है कि किसी भी कीमत पर दलित शोधार्थी पर हो रहे अत्याचार अब देश बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कुलपति बसंत कनौजिया का निष्कासन तत्काल रद्द करें। और विश्वविद्यालय प्रशासन इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे।

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